Sunday, June 14, 2020

Bank Saving Account 30 जून से मिनिमम बैलेंस रखने समेत खत्म हो जाएंगी ये दो बड़ी छूट

Bank Saving Account 30 जून से मिनिमम बैलेंस रखने समेत खत्म हो जाएंगी ये दो बड़ी छूट

देश में लॉकडाउन होते ही सरकार ने कुछ खास चीजों में छूट दी थी। जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। इनमें बैंक के सेविंग अकाउंट (Savings Account) में मिनिमम बैलेंस रखने, एटीएम से कैश निकालने पर ट्रांजेक्शन फीस में छूट आदि चीजें शामिल थी। मगर इन सभी चीजों की मियाद 30 जून को खत्म हो रही है। सरकार ने इसे आगे बढ़ाने को लेकर अभी कोई अन्य घोषणा नहीं की है। इसलिए जून के आखिरी में ये सारी सुविधाएं खत्म होने वाली हैं। तो कौन-सी हैं वो चीजें आइए जानते हैं।

बचत खाते में मिनिमम बैलेंस का नहीं था चक्कर

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंक सेंविंग्स अकाउंट में तीन महीनों के लिये ‘औसत न्यूनतम बैलेंस’ (AMB) रखने की अनिवार्यता को खत्म करने का ऐलान किया था। यह अप्रैल, मई और जून के लिये लागू हुआ था। बैंक इस पर पेनाल्टी नहीं वसूल सकते थे, लेकिन 30 जून के बाद से ये छूट बंद हो जाएगी। अभी तक सरकार ने इसे आगे बढ़ाने को लेकर कोई नया ऐलान नहीं किया है। मालूम हो कि सभी बैंक अपने अनुसार मिनिमम बैलेंस की रकम तय करते हैं।

एटीएम से कैश निकालने पर लगने वाले चार्ज से मिली थी मुक्ति

कोरोना काल में लोगों को बैंक कम जाना पड़े इसलिए सरकार ने एटीएम के इस्तेमाल पर ज्यादा जोर दिया था। इसी के तहत केंद्र सरकार ने एटीएम से कैश निकालने (ATM Withdrawal Charge) पर लगने वाले चार्ज से लोगों को राहत दी थी। वित्त मंत्री के अनुसार डेबिट कार्ड होल्डर्स तीन महीनों के लिए किसी भी बैंक के एटीएम से कैश विड्रॉल कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें कोई चार्ज नहीं देना होगा। मगर 30 जून के बाद से ये सुविधा भी बंद हो जाएगी।

एसबीआई ने पहले ही दे थी छूट
केंद्र सरकार के ऐलान के पहले ही भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India) ने बचत खाते पर रखे जाने वाले मिनिमम बैलेंस को लेकर छूट दे दी थी। मगर एसबीआई (SBI) ने घोषणा की थी कि सभी 44.51 करोड़ सेविंग्स बैंक अकाउंट पर औसत न्यूनतम बैलेंस नहीं रखने पर कोई चार्ज नहीं लिया जायेगा। मालूम हो कि इससे पहले एसबीआई न्यूनतम बैलेंस न रखने पर 5-15 रुपये प्लस टैक्स वसूलता था। मेट्रो शहरों में एसबीआई सेविंग्स आकउंट में ग्राहकों को 3,000 रुपये रखना अनिवार्य था। जबकि अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिये यह रकम 2,000 और 1,000 रुपए थी।

खबर सूत्रों के हवाले से 

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