सफाई पर में लॉक डाउन की धज्जियां उड़ाई जा रही है।
सफीपुर कस्बे में लाँक डाउन की धज्जियां उड़ा सामाजिक दूरी को धत्ता बता कतिपय दुकानदार जिनके लिये देश एवं समाज से बड़ा उनका निजी स्वार्थ था अधिक कमाई के चक्कर मे पुलिस से आंख मिचौली कर दुकानें खोल रहे थे जिसकी शिकायत जब प्रशासन के उच्चाधिकारियों तक पहुँची तो स्थानीय प्रशासन ने जैसी ही सख्ती करनी शुरू की हाय तौबा मचने लगी !!पुलिस जब गस्त करती तब दुकानों के सटर गिर जाते जैसे ही पुलिस हटती फिर उठ जाते !!समझा कर हार चुकी तो पुलिस ने जब कानून का डंडा चलाया तो फिर आकाओं की शरण मे पहुँच गए आका ने अपने आका तक मामला पहुचाया फिर क्या था आका ने कोतवाली परिसर में ही बैठक आहूत कर डाली !!!देश एवं प्रदेश के मुखिया कैबिनेट बैठक तक वीडियो कान्फ्रेन्सिंग से करते हो लेकिन अपनो को खुश करने की चाहत कोतवाली में शिकवा शिकायत के लिये हुई बैठक राजनैतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी लोगो ने कहा विभिन्न प्रदेशों से आने वाले प्रवासी इन दिनों नगर से लेकर गांव गांव महीनों से लाँक डाउन झेल रहे लोगो के लिये बड़ा संकट बन रहे है लोग दहशत में है किसानों का गेंहू क्रय केंद्र पर नही बिक रहा सब्जी उत्पादक किसानों को उपज का सही मूल्य नही उसके लिये उन्हें बाजार उपलब्ध हो आम बागान सहित किसानों की अतिवृष्टि से हुए नुकसान के लिये बैठक की जाती तो उसका औचित्य समझ मे आता लेकिन सिर्फ कुछ लोगो के निजी लाभ के लिये बैठक का औचित्य समझ से परे है लेकिन साहब सरकार में है कुछ भी कर सकते है अधिकारियों को नोकरी करनी है तो साहब की जी हजूरी करनी ही होगी साहब नाराज न हो इसलिये सब करना उनकी भी मजबूरी है
उन्नाव ब्यूरो
पंकज श्रीवास्तव की रिपोर्ट

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