अब अनुसूचित की जमीन क्रय करने से पहले लेनी हो गई जिलाधिकारी से अनुमति।
*अब अनुसूचित की जमीन क्रय करने से पहले जिलाधिकारी की अनुमति अनिवार्य*
किसी अनुसूचित जाति के भू स्वामी की भूमि क्रय करने से पूर्व नियमानुसार जिलाधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य है।भले ही क्रेता स्वयं भी अनुसूचित जाति का सदस्य क्यों न हो।कोर्ट ने इस मामले में याची के गरीब होने और कानून की जानकारी न होने पर भी इक्विटी का लाभ देने से इनकार किया है।
यह आदेश प्रयागराज उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्र ने रामलाल की याचिका को खारिज करते हुए दिया है।रामलाल ने अपने ही गांव के एक अन्य अनुसूचित जाति के व्यक्ति से कृषि भूमि क्रय की थी ,हालांकि बेचने वाले व्यक्ति को यह जमीन ग्रामसभा से पट्टे पर आवंटित थी जिसपर उसे स्थानांतरण भूमिधरी का अधिकार प्राप्त था।किन्तु रामलाल ने जमीन खरीदते समय जिलाधिकारी से आवश्यक अनुमति नही ली थी जिसमें विवादों के चलते मामला न्यायालय के समक्ष पहुंचा और माननीय उच्च न्यायालय ने डीएम से अनुमति को अनिवार्य कहा।
सह संपादक
प्रशांत तिवारी की रिपोर्ट

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