केंद्र सरकार के इन अध्यदेशो के खिलाफ पंजाब विधान सभा मे प्रस्ताव पारित
केंद्र सरकार के इन अध्यादेशों के खिलाफ पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पारित
पंजाब (Punjab News) कोविड-19 के चलते लागू कड़ी पाबंदियों के बीच चंडीगढ़ स्थित विधानसभा के एक दिवसीय सत्र के दौरान तीनों अध्यादेशों के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया.
चंडीगढ़. पंजाब विधानसभा (Punjab Assembly) ने जून में अधिसूचित तीन कृषि विपणन अध्यादेशों और ऊर्जा क्षेत्र में निजी क्षेत्र का निवेश बढ़ाने के प्रस्तावित विधेयक के खिलाफ शुक्रवार को एक प्रस्ताव पारित कर केन्द्र से इन्हें वापस लेने का अनुरोध किया. मुख्यमंत्री अमरिन्दर सिंह ने प्रस्ताव पेश करते हुए दावा किया कि ये अध्यादेश पंजाब के किसानों को 'आर्थिक बर्बादी' की ओर ले जाएंगे, विशेषकर उन 70 प्रतिशत किसानों को, जिनके पास पांच एकड़ से कम जमीन है.
उन्होंने केन्द्र के इन अध्यादेशों का असर सतलुज-यमुना लिंक नहर परियोजना पर पड़ने की भी संभावना जतायी, जिसका विरोध उनकी कांग्रेस सरकार कर रही है. सिंह ने खालिस्तानी आतंकवाद की ओर इशारा करते हुए कहा कि राज्य में 1980 जैसे हालात पैदा हो सकते हैं.
कोविड-19 के चलते लागू कड़ी पाबंदियों के बीच यहां विधानसभा के एक दिवसीय सत्र के दौरान तीनों अध्यादेशों के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया. केन्द्र की भाजपा नीत सरकार ने तीन अध्यादेश लाते हुए कहा था कि इनसे राज्यों के बीच कृषि उत्पादों की मुक्त आवाजाही की अनुमति मिलेगी और किसान जिसे चाहें, अपनी फसल बेच सकेंगे.
संवाददाता
आँसुमली सिन्हा की रिपोर्ट

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