हैवानों की हैवानियत........ यूपी में बढ़ते महिला अपराध कहीं ना कहीं यूपी सरकार की नाकामी को दर्शा रहे हैं
हैवानों की हैवानियत
यूपी में बढ़ते महिला अपराध कहीं ना कहीं यूपी सरकार की नाकामी को दर्शा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के हाथरस ,बुलंदशहर उन्नाव के अलावा अन्य जनपदों में रेप की बढ़ती घटनाएं चिंताजनक कारण बनती जा रही है। यूपी के हाथरस जिले में दलित बालिका के साथ रेप की घटना ने एक बार फिर से देश को निर्भया* *कांड की याद दिला दी है ।आपको बताते चलें कि इस मामले में जमकर राजनीति हो रही है एक तरफ सरकार कह रही है कि मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार दलित बालिका के साथ रेप नहीं हुआ है जबकि रेप पीड़िता ने खुद अस्पताल में बयान दिया था कि* *उसके साथ हैवानियत हुई है जोकि साबित करती है कि उसके साथ विभत्स बस कांड हुआ है। देश की कानून की सर्वोच्च संस्था के अनुसार रेप पीड़िता खुद सबसे बड़ी गवाह होती है मरने से पूर्व दिया गया बयान अमिट होता है लेकिन हाथरस में दलित बालिका के..साथ हैवानियत की घटना ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं ।जब जिले का जिला अधिकारी रेप पीड़िता के परिजनों को डराता धमकाता और चुप रहने के लिए कहता है ,लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया को भी रेप पीड़िता के परिवारी जनों से बात करने से जबरदस्ती रोका जाता है ।जबरदस्ती रेप पीड़िता का अंतिम संस्कार धार्मिक मान्यताओं को दरकिनार करते हुए जबरदस्ती रात में परिजनों की बिना अनुमति किया जाता है जो कि कहीं ना कहीं यह..
दर्शाता है कि वर्तमान में योगी सरकार अपनी किरकिरी बचाने के लिए किसी भी हद तक गिर सकती है। प्रदेश के जिम्मेदार मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक...तरफ प्रदेश में अपराध मुक्त प्रदेश होने की बात कहते हैं लेकिन हाथरस की घटना ने साबित कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में दुष्कर्मियों का बोलबाला है और जब मामला मीडिया की सुर्खियों में आ जाता है ।तो सरकार बड़ी आसानी से कह देती है कि रेप ही नहीं हुआ है और उनके अधिकारी रेप पीड़िता के..परिवारी जनों को डरा धमका कर चुप रहने की सलाह देते हैं फिर उसके बाद सरकार के मंत्री और नेता अपनी बेतुकी बयानबाजी शुरू कर देते हैं ।मानो कि उनके लिए यह एक मजाक है जब मन आया बेतुका बयान दे दिया। यूपी के बुलंदशहर में भी रेप की घटना जो हुई है वह भी हाथरस के कांड की तरह ही हुई है जहां पर लड़की के साथ हैवानियत करने के साथ-साथ उसकी टांगे तोड़ दी जाती हैं और उसकी रीढ़ की हड्डी तोड़ दी जाती है । अपने आप को...हिंदुओं का बड़ा नेता कहने वाला एक नेता साफ-साफ इस बात से मुकर जाता है कि रेप ही नहीं हुआ है मामले को जबरदस्ती बढ़ाया जा रहा है मैं पूछना चाहता हूं कि लोग क्यों ऐसे लोगों को ऊंचाइयों तक पहुंचा देते हैं कि वह इस तरह की बेतुकी बयानबाजी करके अपना राजनैतिक उल्लू सीधा किया करते हैं उनको जरा सी भी शर्म नहीं आती है कि रेप......
...पीड़िता भी किसी की बेटी बहन होगी कितनी दर्दनाक मौत रही होगी ।इस बात का अंदाजा इन दोगले नेताओं को भी नहीं होगा। लेकिन बेतुकी बयानबाजी करके अपना उल्लू सीधा करने में ऐसे लोग कतई भी पीछे नहीं हटते हैं। हमारे समाज में ऐसे नेताओं को सिर आंखों पर बैठा कर उनका..गुणगान किया जाता है आखिर क्या है इन नेताओं में जो हम इन लोगों को इतना ऊपर चढ़ा देते हैं कि यह सही और गलत का फर्क अपने मनमानी तरीकों से करते हैं और किसी की भी इज्जत तार-तार करने में कोई भी कसर नहीं छोड़ते हैं ।हाथरस में हुई बीभत्स..घटना ने सभ्य मानव समाज को कलंकित किया है और यह संदेश देने का काम किया है कि यूपी में गुंडाराज कायम हैं कोई भी किसी की बहू बेटी के साथ दुष्कर्म जैसे जघन्य घटनाओं को अंजाम दे सकता है बाकी तो सरकार के चमचागिरी करने वाले लोग और कुछ नुमाइंदे फर्जी घटना करार देकर साबित कर देते हैं कि..मेडिकल रिपोर्ट में पुष्टि ही नहीं है कि रेप हुआ है ।यह हमारे सभी मानव समाज के लिए एक कलंकित करने।वाली।घटना है इसके लिए कहीं ना कहीं हमारा मानव समाज भी कुछ हद तक गुनाहगार है क्योंकि ऐसे दुष्कर्मी और बेतुके बयान बाजी करने वाले लोग हमारे लोगों के आपसी।फूट और घटिया राजनीतिक..गतिविधियों का फायदा उठाकर ऐसे...घिनौने कृत्य को अंजाम देते रहते हैं...हमें संगठित होकर सामाजिक रूप से दुष्कर्मियों का साथ देने वाले भ्रष्टाचारी नेताओं को सिर आंखों..में बैठाने की जगह उनका सामाजिक रूप से बहिष्कार करना चाहिए एवं समाज में रहने वाले ऐसे जिस्म के भूखे भेड़ियों को बेनकाब करके अपनी बहन बेटियों की सुरक्षा करनी चाहिये। ताकि ऐसे जिस्म के भूखे भेड़िये किसी भी महिला की इज्जत को तार-तार न* *कर सके। हाथरस में दलित बेटी के साथ घटना ने पूरे देश को शर्मसार किया है घटना के बाद जिस तरीके से जिले के...डीएम ने पीड़ित परिवार के साथ जो बर्ताव किया है वहां कहीं ना कहीं दर्शाता है कि पूरी तरीके से दुष्कर्मियों को बचाने का पूरा प्रयास जिला अधिकारी हाथरस के द्वारा किया गया है, जिला अधिकारी की इस करतूत को रेप पीड़िता के परिजनों ने खुद मीडिया से हुई बातचीत में उजागर किया है ।..इस घटना के बाद एक बात और साबित हो गई है कि यूपी में इस तरह की घटनाओं का होना कहीं ना कहीं सरकार की नाकामी और हमारा सामाजिक परिवेश है क्योंकि जब तक हमारे समाज में एकता नहीं होगी और हम जाति धर्म वर्ग विशेष की राजनीति करते रहेंगे तो ऐसे दुष्कर्मियों का हौसला बढ़ता रहेगा। और प्रदेश के एडीजी ने भी मीडिया को दिए गए बयान में बताया था कि रेप पीड़िता..के साथ रेप हुआ ही नहीं है यह मेडिकल रिपोर्ट में स्पष्ट है मैं एडीजी साहब से पूछना चाहता हूं कि या तो आप सही हैं या तो सुप्रीम कोर्ट का दिया हुआ बयान गलत है जिसमें कोर्ट ने खुद कहा है कि अगर किसी भी लड़की.....के साथ रेप जैसी घटनाएं होती हैं तो उस प्रकरण में लड़की का बयान ही उस प्रकरण का आधार माना जाएगा लेकिन यहां तो एडीजी साहब ने भी सरकार के दबाव में पूरी स्क्रिप्ट ही बदल दी। बाकी का काम सरकार के रटे रटाये मंत्री और नेताओं ने पूरी..कर दी जो कहीं ना कहीं सत्ता की हनक की ओर इशारा करता है अगर सत्ता की हनक हो तो कुछ भी किया जा सकता है फिलहाल तो रेप पीड़िता इस दुनिया में नहीं रही कम से कम उसके मरने के बाद राजनीति तो नहीं करनी चाहिए कुछ लोग तो रेप पड़ता...को ही बदचलन बताने लगे हैं कि उसका ही प्रेम प्रसंग था खेत क्या करने लगी थी। फिलहाल इस जगह घटना के बाद लोगों में डर व्याप्त हो गया है और उनके सामने अपनी बहन बेटियों की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है । इन जघन्य घटनाओं के बाद युवतियों और..महिलाओं को भी बाहर निकलने में डर लगने लगा है पता नहीं कब हवस के भेड़िये उनको अपना शिकार बना ले। अब सभी लोगों को संगठित होकर एक साथ आवाज उठानी चाहिए कि ऐसी घटनाएं दोबारा बार-बार ना हो सके...इसके लिए सदन में विशेष सत्र बुलाकर एक कानून पारित किया जाए की इस तरह की घटनाओं में दोषी व्यक्तियों को तुरंत फांसी की सजा दी जाए ताकि नजीर बन सके और कोई भी इस तरह का दुष्कृत्य कार्य करने की हिम्मत ना उठा सके ।अब यह* *सरकार पर भी निर्भर करता है कि वह इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए क्या।कदम उठाता है अगर सरकार ने कोई भी ठोस कदम नहीं उठाए तो एक दिन ऐसा आएगा कि महिलाओं और युवतियों का घरों से निकलना बंद हो जाएगा और दुष्कर्मियों से अपनी बहिन बेटियों की इज्जत बचा पाना सबके लिए एक चुनौती बन जाएगी

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