लखनऊ थाना क्रष्णानगर पत्रकार एक साथी बिमार की लेने जा रहा था दवा
लखनऊ थाना क्रष्णानगर
पत्रकार एक साथी बिमार की लेने जा रहा था दवा
सिर मे तेज दर्द होने के कारण गाड़ी चलाने मे था असमर्थ
पिकेडली के पीछे चेकिंग कर रहे दरोगा जी ने नहीं सुनी एक भी पत्रकार की बात काटा चालान
जक प्रश्न यदि किसी की तबियत खराब है तो क्या दूसरा व्यक्ति उसे कंधे पर बैठाल के ले जाएगा
जब्कि कमिश्नर साहब का भी आदेश है कि आवश्यक परिस्थितियों मे दो व्यक्तियों को जाने दिया जाए
किसी की दवा लेने जाना इतना बड़ा अपराध कि काटा 5000 का चालान.
लखनऊ संवाददाता
अनुज श्रीवास्तवा की रिपोर्ट
Labels: LUCKNOW

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