राहत मित्र एप के माध्यम से प्रवासी श्रमिको को दिया जाएगा रोजगार, निगरानी समिति ओर अधिक हो सक्रिय, प्रवासी श्रमिको की करे निगरानी।
कोविड 19 के अंतर्गत डीएम अलीगढ़ श्री चन्द्रभूषण सिंह के निर्देश पर जनपद में आए प्रवासियों का डाटा तैयार कर राहत मित्र एप पर श्रमिकों के पंजीकरण,निगरानी समिति,राशन कार्ड बनाए जाने के संबंध में कलक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की गई जिसमें एडीएम प्रशासन श्री डीपी पाल व एडीएम वित्त श्री विधान जायसवाल मुख्य रूप से मौजूद रहे और उन्होंने बैठक में मौजूद एसडीएम व सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी प्रवासी मजदूर अलीगढ़ में आये है उनका शत प्रतिशत राशन कार्ड बनाया जाएगा।जिससे उन्हें शासन की योजना से आच्छादित किया जा सके तथा सभी श्रमिको को शासन की मंशा के अनुरूप 1 हजार रुपये प्रदान किये जायेंगे इसके साथ ही ईडीएम श्री मनोज राजपूत ने राहत मित्र एप के बारे में तकनीकी जानकारी दी।इसके साथ ही एडीएम वित्त श्री विधान जायसवाल ने बताया कि उन्होंने बताया कि जनपद में लगभग 5000 से अधिक प्रवासी श्रमिक आ चुके हैं।एडीएम वित्त ने बताया कि प्रवासी राहत मित्र एप राजस्व विभाग द्वारा यूएनडीपी के सहयोग से तैयार किया गया है। सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा आपसी सूचनाओं के लेनदेन करते हुए जनपद में आये प्रवासी नागरिकों को रोजगार एवं आजीविका मुहैया कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि इस ऐप के माध्यम से आश्रय केंद्र में ठहरे हुए व्यक्तियों एवं किसी कारण से अन्य प्रदेशों से सीधे अपने घरों को पहुंचे प्रवासी व्यक्तियों का भी पूरा विवरण भी लिया जाएगा, ताकि उत्तर प्रदेश में आने वाला कोई भी प्रवासी छूट ना पाए। प्रवासी राहत मित्र एप में व्यक्ति की मूलभूत जानकारियां जैसे नाम, शैक्षिक योग्यता, स्थाई पता, खाता नंबर, कोविड-19 से संबंधित स्क्रीन की स्थिति एवं अनुभव के साथ 17 विभिन्न प्रकार की जानकारियां अपलोड किए जाने के साथ ही 65 से भी ज्यादा प्रकार के कौशल का विवरण एकत्रित किया जाएगा।उन्होंने बताया कि वर्तमान में कोविड संक्रमण के दौरान अन्य प्रांतों से आए प्रवासी नागरिकों को दी जाने वाली सहायता राशि के वितरण की स्थिति भी ऐप में दर्ज की जाएगी। किसी भी प्रकार की डुप्लीकेशन से बचने के लिए यूनिक मोबाइल नंबर को आधार बनाया गया है। इस एप का ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके साथ ही शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के व्यक्तियों का डाटा अलग-अलग एकत्रित किया जाएगा।उन्हों ने बताया कि नगरीय एवं शहरी क्षेत्र के लिए शासन द्वारा अपर जिलाधिकारी प्रशासन, ग्रामीण क्षेत्र के लिए डीपीआरओ को डेटा संग्रह की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है।
अलीगढ़ संवाददाता की रिपोर्ट
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