उन्नाव डॉक्टर की लापरवाही से जच्चा और बच्चा दोनों की मौत
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उन्नाव
डॉक्टर की लापरवाही से जच्चा और बच्चा दोनों की मौत
मामला जनपद के बहुचर्चित उन्नाव मेडिकल सेंटर के डॉक्टर निर्मल खेड़िया के अस्पताल का है जिन्होंने इलाज के नाम पर महिला के परिजनों को जमकर लूटा और इलाज में लापरवाही बरती जिसके कारण जच्चा और बच्चा दोनों की मौत हो गई
महिला के ऑपरेशन के 4 दिनों बाद ही इलाज में लापरवाही बरतने के कारण बच्चे की हुई थी मौत
उक्त मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बेनीगंज पोस्ट डीह ब्लॉक बिछिया का है।
जानकारी के अनुसार ग्राम बेनीगंज निवासी सुनील की पत्नी कंचन को प्रसव पीड़ा होने पर उन्नाव मेडिकल सेंटर के डॉ0 निर्मल खेड़िया के कानपुर रेलबाजार स्थित मोती हॉस्पिटल में दिनाँक 26 अप्रैल को भर्ती कराया गया था।
जिसके 4 दिनों बाद जन्मे बच्चे की मौत हो गई
। फिर 8 दिन बाद मोती हॉस्पिटल से महिला।की छुट्टी हुई थी। उसके 3 दिन बाद महिला की फिर तबियत बिगड़ी जिसके बाद उक्त हॉस्पिटल के डॉक्टर निर्मल खेड़िया ने जनपद के कब्बा खेड़ा स्थित अपने हॉस्पिटल उन्नाव मेडिकल सेंटर में करीब 5 दिन महिला का इलाज किया।
जहाँ तबीयत बिगड़ने के बाद कानपुर रेल बाजार स्थित मोती हॉस्पिटल अपने हॉस्पिटल रेफर करवा लिया।
जहाँ देर रात महिला की मौत हो गयी। मृत महिला के परिवारीजनों ने बताया की जब उन्होंने महिला के स्वास्थ्य के बारे में उन्नाव मेडिकल सेंटर के डॉक्टर निर्मल खेड़िया से बात की तो उन्होंने बताया कि महिला की तबियत सही है कुछ न होगा और डॉक्टर निर्मल खेड़िया ने इलाज के नाम पर महिला के परिवारी जनों से करीब ₹500000 भी ले लिए और इलाज में लापरवाही भी जिसके कारण जच्चा और बच्चा दोनों की मृत्यु हो गई।
मृत महिला के परिवारी जनों ने उन्नाव मेडिकल सेंटर के डॉ निर्मल खेड़िया पर आरोप लगाया कि उन्होंने जबरन मृत महिला के पति सुनील से कागज में साइन करा लिया और अपने हॉस्पिटल से महिला को निकाल दिया जिसके बाद महिला की हालत और बिगड़ गई और जिन्होंने अन्य जगह महिला को ले जाने के लिए बहुत प्रयास किया लेकिन कोविड-19 के चलते वह कहीं इलाज के लिए नहीं ले जा सके और महिला की मौत हो गई । परिजनों ने डॉक्टर निर्मल खेड़िया पर आरोप लगाया कि उन्होंने करीब ₹500000 परिजनों से ले लिए और इलाज भी सही से नहीं किया जब उनसे महिला के स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी करनी चाही तो उन्होंने अभद्रता पूर्वक बातचीत की और परिजनों ने हॉस्पिटल के स्टाफ के ऊपर आरोप लगाया कि उन्होंने मरीज के साथ मारपीट भी की है।
महिला की मौत के बाद महिला के भाई ने सदर कोतवाली उन्नाव को शिकायती पत्र दे दिया है और डॉ निर्मल खेड़िया के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है।
आपको बताते चलें कि यह वही उन्नाव मेडिकल सेंटर है जो शहर कोतवाली क्षेत्र के कब्बा खेड़ा में स्थित है यहाँ आए दिन यहां मरीजों के साथ इलाज में लूटपाट और मरीजों के इलाज में लापरवाही बरतने की घटनाएं हुआ करती हैं ।लेकिन घटनाओं से उन्नाव को स्वास्थ्य विभाग मूकदर्शक बनकर ऐसे अस्पतालों के खिलाफ कार्यवाही करने से बस्ता रहता है अगर सूत्रों की मानें तो ऐसे अस्पतालों के संचालक स्वास्थ्य विभाग से सेटिंग मीटिंग के खेल के चलते बच्चे रहते हैं।
उन्नाव ब्यूरो
पंकज श्रीवास्तव की रिपोर्ट
उन्नाव
डॉक्टर की लापरवाही से जच्चा और बच्चा दोनों की मौत
मामला जनपद के बहुचर्चित उन्नाव मेडिकल सेंटर के डॉक्टर निर्मल खेड़िया के अस्पताल का है जिन्होंने इलाज के नाम पर महिला के परिजनों को जमकर लूटा और इलाज में लापरवाही बरती जिसके कारण जच्चा और बच्चा दोनों की मौत हो गई
महिला के ऑपरेशन के 4 दिनों बाद ही इलाज में लापरवाही बरतने के कारण बच्चे की हुई थी मौत
उक्त मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बेनीगंज पोस्ट डीह ब्लॉक बिछिया का है।
जानकारी के अनुसार ग्राम बेनीगंज निवासी सुनील की पत्नी कंचन को प्रसव पीड़ा होने पर उन्नाव मेडिकल सेंटर के डॉ0 निर्मल खेड़िया के कानपुर रेलबाजार स्थित मोती हॉस्पिटल में दिनाँक 26 अप्रैल को भर्ती कराया गया था।
जिसके 4 दिनों बाद जन्मे बच्चे की मौत हो गई
। फिर 8 दिन बाद मोती हॉस्पिटल से महिला।की छुट्टी हुई थी। उसके 3 दिन बाद महिला की फिर तबियत बिगड़ी जिसके बाद उक्त हॉस्पिटल के डॉक्टर निर्मल खेड़िया ने जनपद के कब्बा खेड़ा स्थित अपने हॉस्पिटल उन्नाव मेडिकल सेंटर में करीब 5 दिन महिला का इलाज किया।
जहाँ तबीयत बिगड़ने के बाद कानपुर रेल बाजार स्थित मोती हॉस्पिटल अपने हॉस्पिटल रेफर करवा लिया।
जहाँ देर रात महिला की मौत हो गयी। मृत महिला के परिवारीजनों ने बताया की जब उन्होंने महिला के स्वास्थ्य के बारे में उन्नाव मेडिकल सेंटर के डॉक्टर निर्मल खेड़िया से बात की तो उन्होंने बताया कि महिला की तबियत सही है कुछ न होगा और डॉक्टर निर्मल खेड़िया ने इलाज के नाम पर महिला के परिवारी जनों से करीब ₹500000 भी ले लिए और इलाज में लापरवाही भी जिसके कारण जच्चा और बच्चा दोनों की मृत्यु हो गई।
मृत महिला के परिवारी जनों ने उन्नाव मेडिकल सेंटर के डॉ निर्मल खेड़िया पर आरोप लगाया कि उन्होंने जबरन मृत महिला के पति सुनील से कागज में साइन करा लिया और अपने हॉस्पिटल से महिला को निकाल दिया जिसके बाद महिला की हालत और बिगड़ गई और जिन्होंने अन्य जगह महिला को ले जाने के लिए बहुत प्रयास किया लेकिन कोविड-19 के चलते वह कहीं इलाज के लिए नहीं ले जा सके और महिला की मौत हो गई । परिजनों ने डॉक्टर निर्मल खेड़िया पर आरोप लगाया कि उन्होंने करीब ₹500000 परिजनों से ले लिए और इलाज भी सही से नहीं किया जब उनसे महिला के स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी करनी चाही तो उन्होंने अभद्रता पूर्वक बातचीत की और परिजनों ने हॉस्पिटल के स्टाफ के ऊपर आरोप लगाया कि उन्होंने मरीज के साथ मारपीट भी की है।
महिला की मौत के बाद महिला के भाई ने सदर कोतवाली उन्नाव को शिकायती पत्र दे दिया है और डॉ निर्मल खेड़िया के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है।
आपको बताते चलें कि यह वही उन्नाव मेडिकल सेंटर है जो शहर कोतवाली क्षेत्र के कब्बा खेड़ा में स्थित है यहाँ आए दिन यहां मरीजों के साथ इलाज में लूटपाट और मरीजों के इलाज में लापरवाही बरतने की घटनाएं हुआ करती हैं ।लेकिन घटनाओं से उन्नाव को स्वास्थ्य विभाग मूकदर्शक बनकर ऐसे अस्पतालों के खिलाफ कार्यवाही करने से बस्ता रहता है अगर सूत्रों की मानें तो ऐसे अस्पतालों के संचालक स्वास्थ्य विभाग से सेटिंग मीटिंग के खेल के चलते बच्चे रहते हैं।
उन्नाव ब्यूरो
पंकज श्रीवास्तव की रिपोर्ट
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