Sunday, May 24, 2020

जनपद उन्नाव में मानक विहीन अस्पताल आखिर किसके आदेश से हो रहे संचालित।

ब्रेकिंग न्यूज़

 उन्नाव

जनपद उन्नाव में मानक विहीन अस्पताल आखिर किसके आदेश से हो रहे संचालित* 

 शहर के आवास विकास बाईपास स्थित होटल शिवा इन के बगल में " नव जीवन हॉस्पिटल "मानकों को ताक पर  रखकर हो रहा अवैध  रूप से संचालित* 

 खुलेआम हो  रहा क्लिनिकल एक्ट का उल्लंघन* 

  अवैध रूप से संचालित हो रहे किसी भी अस्पताल के पास ऐसी सुविधाएं नही है कि  कोरोना जैसी महामारी से निपटने के लिए वह सक्षम हो और स्वास्थ्य विभाग इन अस्पतालों को आइसुलेशन सेंटर बना सके* 



सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं, फिर भी इन अस्पतालों में होता है ऑपरेशन* 

 अवैध रूप से चल रहे अस्पतालों पर नहीं पड़ रही जिम्मेदारों की नजर* 


 जिले में अवैध रूप से चलाए जा रहे नर्सिग होम व अस्पतालों पर विभाग का शिकंजा नहीं कसने से मानकों को ताक पर रखकर चलाए जा रहे है अस्पताल* 

 जिला मुख्यालय ही नहीं जिले के सभी तहसीलों व ब्लॉकों में भी धडल्ले से प्राइवेट अस्पतालों का संचालन मानको को ताक पर रखकर किया जा रहा* 


 इन मानक विहीन अस्पतालों में  सुविधाएं भी नहीं है फिर भी बडे़ से बड़ा ऑपरेशन करने से भी परहेज नहीं किया जा रहा* 

शहर के कई पंजीकृत अस्पतालों में भी सुविधाओं व संसाधनों का अभाव है इसके बाद भी वहां पर ऑपरेशन के साथ अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही* 


 इन मानक विहीन अस्पतालों में  अप्रशिक्षित अनट्रेंड स्टाफ द्वारा,   चिकित्सालय में आए हुए मरीजों का इलाज किया जाता है।* 

 इन मानक विहीन अस्पतालों में बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण गाइडलाइन के अनुसार नही  किया जाता है।* 
 
 नोडल अधिकारी ( नर्सिंग होम) डॉक्टर तन्मय कक्कड़  आखिर  जनपद में अवैध एवं मानकविहीन  हॉस्पिटलो  के विरुद्ध कार्यवाही करने में देर क्यों कर रहे हैं।* 

 क्या नोडल अधिकारी ( नर्सिंग होम) डॉक्टर  तन्मय कक्कड़ अवैध मानक विहीन अस्पतालों के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही करके करेंगे सील यह एक बड़ा बड़ा प्रश्न है।* 


 *मानक विहीन अस्पतालों से संबंधित खबर पढ़ें 25 मई 2020 के विधान केसरी के अंक में* 

 हिंदी दैनिक विधानकेसरी अखबार  ऐसे अस्पतालों का इतिहास खोलता रहेगा ,इसके लिए उसको किसी सर्टिफिकेट की आवश्यकता नही है।*~

*कुछ लोगों का भ्रम है कि हिंदी दैनिक विधान केसरी अखबार दूसरों के कहने पर खबर करता है मैं उनको बता देना चाहता हूं कि हिंदी दैनिक विधान केसरी अखबार सामाजिक विषयों और तथ्यों के आधार पर  प्रमाणिक खबरें करता है* 


 *हिंदी दैनिक विधान केसरी अखबार की खबरों पर गलत  टीका टिप्पणी करने वाले टिड्डे दलों को पहले हिंदी दैनिक विधान* *केसरी अखबार का इतिहास और काम करने वाले पत्रकारों के बारे में प्रारंभिक जानकारी कर लेनी चाहिए , क्योंकि सावधानी हटी दुर्घटना घटी ,वरना ऐसे  टिड्डे दलों का कर्मकांड खोलने में विधान केसरी अखबार पीछे नही हटेगा।
उन्नाव ब्यूरो
पंकज श्रीवास्तव की रिपोर्ट



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