मुस्लिम समुदाय के धर्म गुरु चिंतित है।
उत्तरप्रदेश / बरेली मण्डल / पीलीभीत। विश्वभर में फैले करोना वायरस के कारण आज देश सन्कट के दौर से गुजर रहा है। ऐसै में मुस्लिम समुदाय के धर्म गुरू चिंतित हैं। 8 जून से मस्जिदों में नमाज़ को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान अहले सुन्नत रिसर्च सेंटर बरेली के डिवीजनल अध्यक्ष मुस्लिम धर्म गुरू इस्लामिक स्कालर मुफ्ती साजिद हसनी कादरी ने कहा कि मुसलमान मस्जिदों में जाने से पहले इन बातों का ख्याल रखें। सिर्फ फर्ज नमाज ही मस्जिद में अदा करें। सुन्नत और नफ़्ल नमाज घरों में अदा करें। वुजू घर से बनाकर मस्जिद में जायें। सैंट्राइज-मासक लगाकर अपने साथ रूमाल व टोपी लेकर ही मस्जिद जायें। मस्जिद का तौलिया व टोपी का उपयोग बिल्कुल न करें। मस्जिद में पहुंचकर हाथ व पैर धुल लें। कपड़े रोजाना तब्दील करें या साफ रखें। मास्क लगाकर ही घर से निकलें। रास्ते में करीब होकर न चलें। रास्ते में किसी से हाथ न मिलाएं हां सलाम जरूर करें। रोजाना अच्छी तरह गुस्ल करें।मस्जिद में नापाक व बदबूदार चीज लेकर न जायें। जिसके बदन पर नापाकी लगी हो वह मस्जिद में न जाये। मस्जिद के अदब व एहतराम का ख्याल करें। मस्जिद में बच्चों को न लायें। 65 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग मस्जिद में जाने से परहेज करें। मस्जिदों में बीमार न आयें, बल्कि वह घर पर रहकर ही नमाज अदा करें। कुरआन-ए-पाक की तिलावत घर पर ही करें। नमाज खत्म होने के बाद मस्जिद में बिल्कुल न रुकें। कोरोना महामारी तक मस्जिद के इंस्तिजा खाना (पेशाब खाना) का उपयोग न करें तो बहुत बेहतर है। मस्जिदों में बेवजह न रुकें। फर्ज नमाज हो जाए तो घर जाकर बाकी नमाज अदा करें। मस्जिद में नमाज के वक्त ही पहुंचे। कोरोना वॉयरस के प्रति जागरूक करने के लिए जारी सरकारी एप मोबाइल में डाउनलोड कर लें, कोरोना वॉयरस के प्रति खुद भी सजग रहें व लोगों को भी जागरूक करें। मस्जिद में एक साथ न दाखिल हों बल्कि दूरी बनाकर बारी-बारी दाखिल हों, मस्जिद से निकलते वक्त एक साथ न निकलकर बारी-बारी दूरी बनाकर निकलें। घर से निकलते वक्त हदीस में आयी हुई हिफाजत की दुआ जरूर पढ़कर निकलें।
बरेली ब्यूरो
अंशु माली सिन्हा की रिपोर्ट

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