निसर्ग तूफ़ान: महाराष्ट्र के समुद्रतट से टकराया, गुजरात में हज़ारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
निसर्ग तूफान महाराष्ट्र के तटवर्ती इलाके तक पहुंच गया है. मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन घंटे में तूफ़ान अपने चरम पर पहुंच जाएगा.
मौसम विभाग के अनुसार निसर्ग तूफ़ान की वजह से बुधवार को महाराष्ट्र के तटीय इलाक़ों में 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ़्तार तक हवाएं चल सकती हैं.
भारतीय मौसम विभाग ने एक ट्वीट के ज़रिये इसकी जानकारी दी है.
निसर्ग तूफान के गुजरात और केंद्र शासित प्रदेश दमन की तरफ़ बढ़ने की आशंका के मद्देनज़र इन इलाकों से बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया गया है.
अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि दक्षिणी गुजरात के तटीय इलाकों से तकरीबन 50 हज़ार लोगों और दमन से करीब 4000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया
गुजरात के तटवर्ती इलाकों में पुलिस की तैनाती की गई है और लोगों को घरों के भीतर रहने के लिए कहा गया है.
गुजरात सरकार के राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पंकज कुमार ने बताया कि दक्षिणी गुजरात से 50 हज़ार लोगों को पहले ही सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया है. साथ ही बाक़ी लोगों को भी पहुंचाने का काम चल रहा है.
उन्होंने बताया कि गुजरात के वलसाड, नवसारी, भरूच और सूरत में निसर्ग तूफ़ान का ज्यादा असर पड़ेगा.
उन्होंने कहा, "माना जा रहा है कि जब ये तूफ़ान दक्षिण गुजरात और उत्तर महाराष्ट्र से हो कर गुज़रेगा तो इस कारण 100 से 110 की स्पीड से तेज़ हवाएं चल सकती हैं."
प्रशासन ने सभी इलाक़ों में मछुआरों को समुद्र से वापिस बुलाया है और समुद्र से रहने की चेतावनी दी है. प्रशासन का कहना है कि नमक का काम करने वाले और झींगे के काम में लगे कामग़ारों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है.
साथ ही केंद्रशासित प्रदेश दमन में समुद्रतट के नज़दीक रहने वालों को भी सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है.
अकेले वलसाड में 32 हज़ार लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है. बताया जा रहा है कि सवेरे तक तूफ़ान निसर्ग वलसाड और नवसारी में दस्तक दे
करीब 100 किलोमीटर के इलाक़े में हो सकती है तबाही
मौसम विभाग ने यह जानकारी भी दी है कि निसर्ग तूफ़ान के केंद्र का व्यास क़रीब 100 किलोमीटर है.
रडार के ज़रिए मिल रही तस्वीरों के अनुसार इसकी चौड़ाई बीते कुछ घंटों में बढ़ी है.
यही वजह है कि हवाओं के बारे में जो अनुमान पहले लगाया गया था कि तूफ़ान की वजह से 85-95 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ़्तार से हवाएं चलेंगी, उनकी रफ़्तार अब बढ़ती नज़र आ रही है.
तूफ़ान के मद्देनज़र एनडीआरएफ़ की कई टीमें महाराष्ट्र के अलग-अलग इलाक़ों में तैनात की गई हैं.
मुबंई में बुधवार सुबह से ही बारिश हो रही है. हल्की बारिश के लिए मुंबई हमेशा ही तैयार रहती है लेकिन गुजरते वक्त के साथ-साथ जिस तरह से हवाएं रफ़्तार पकड़ रही हैं, जमा देने वाली ठंड का एहसास भी बढ़ रहा है.
हवा में नमी है और दोपहर के आने से पहले ही अंधेरे बढ़ता जा रहा है. मेरी खिड़की के बाहर तेज़ हवाएं पेड़ों को झकझोर रही हैं, मानो वे उन्हें गिरा ही देंगी. मुबंई शहर के सभी तट आम लोगों के लिए बंद कर दिए गए हैं और पुलिस की गश्ती जीप से लोगों को लाउडस्पीकर पर घरों में रहने के लिए हिदायत दे रहे हैं.
हम भी जहां तक मुमकिन हो सके, हर एहतियात बरत रहे हैं लेकिन इस बात की फिक्र भी सता रही है कि ये शहर पहले से कोरोना महामारी के संकट से जूझ रहा है. निसर्ग तूफ़ान अभी भी 200 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से मुंबई की तरफ़ बढ़ रहा है. माना जा रहा है कि शहर का अलीबाग़ इलाके से ये पहली बार टकराएगा.
मुबंई से समंदर किनारे चलना शुरू करें तो अलीबाग़ पहुंचने के लिए आपको 50 किलोमीटर का सफ़र तय करना होगा और सड़क से जाएं तो 100 किलोमीटर तय करने होंगे. खूबसूरत तटों के लिए अलीबाग़ को बहुत से लोग पसंद करते हैं. मौसम ठीक रहे तो फेरी सर्विस से अलीबाग़ आसानी से पहुंचा जा सकता है.
पुराने किलों, बंदरगाह और मराठा नेवी के एडमिरल कान्होजी आंग्रे की गद्दी के लिए मशहूर रहे अलीबाग़ लोगों का पसंदीदा वीकेंड डेस्टिनेशन भी रहा है. आप में से कई लोगों ने अलीबाग़ को बॉलीवुड की फिल्मों में देखा होगा.

पहले ये रेलगाड़ियां मुंबई से बुधवार सुबह रवाना होने वाली थीं.
रेलवे ने बताया कि जो स्पेशल ट्रेनें बुधवार को मुबंई पहुंचने वाली थीं, उनका रूट और समय बदला गया है.
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोन निसर्ग महाराष्ट्र के उत्तरी तट की तरफ़ बढ़ रहा है.
खबर सूत्रों के हवाले से


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