Wednesday, July 29, 2020

ईद उल अजहा (बकरीद )के संबंध में शहर काजी कानपुर मौलाना मोहम्मद आलम रजा खान नूरी की मस्जिदों के इमाम, मदरिस ए इस्लामिया, व कानपुर की आवाम, से खुसूसी अपील

ईद उल अजहा (बकरीद )के संबंध में शहर काजी कानपुर मौलाना मोहम्मद आलम रजा खान नूरी की मस्जिदों के इमाम, मदरिस ए इस्लामिया, व कानपुर की आवाम, से खुसूसी अपील

कानपुर आज शहर काजी कानपुर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके ईद उल अजहा बकरीद के संबंध में अहम जानकारी दी इस्लाम धर्म का अजीम त्योहार ईद उल अजहा यानी बकरीद 1 अगस्त दिन सनीचर को है इस अजीम त्यौहार में आलम ए इस्लाम में मुसलमान जानवरों की कुर्बानियां करके अपने रब को राजी करते हैं इस साल दुनिया भर में कोरोना वायरस जैसी महामारी फैली हुई है जिसका असर हमारे मुल्क हिंदुस्तान में भी देखा जा सकता है लेकिन हमारी सरकार ने कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए कुर्बानी करने की इजाजत दी है आपको याद होगा कि पिछले दिनों मैंने बकरीद के संबंध में गाइडलाइन जारी की थी जिसके बाद सरकार की तरफ से भी गाइडलाइन जारी हुई है जो मेरे द्वारा जारी की गई गाइडलाइन से मिलती जुलती है हम ने शासन से ईदगाह में नमाज पढ़ने की इजाजत मांगी थी लेकिन ईदगाह में नमाज की इजाजत नहीं मिली कुर्बानी की इजाजत मिली है  बकरीद के संबंध में कुछ चीजों पर निशानदेही करा रहा हूं उस पर गौर करें

नंबर 1- जिस तरह ईद में आप लोगों ने नमाज अदा की थी उसी तरह नमाज अदा करें

नंबर 2- पिछले सालों की तरह इस साल भी कुर्बानी करें बड़े जानवर की कुर्बानी हो या छोटे जानवर की कुर्बानी किसी पर रोक नहीं है लेकिन प्रतिबंधित जानवरों पर कुर्बानी नहीं होगी इसका विशेष ध्यान रखा जाए.

नंबर 3- सार्वजनिक जगह पर कुर्बानी ना की जाए इसका सख्ती से पालन किया जाए कुर्बानी बंद  जगह पर हो बेहतर होगा अपने घरों पर या मोहल्ले में कारखाने फैक्ट्रियां हाल वगैरा में की जाए या मदरसों में हो.

नंबर 4- कोविड-19 प्रोटोकॉल का उल्लंघन ना हो जहां पर कुर्बानी की जा रही हो वहां भीड़ ना लगाई जाए मास्क  लगाकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कुर्बानी करें।

नंबर 5-कुर्बानी के बाद जानवर की ना इस्तेमाल करने वाली चीजों को इधर उधर ना फेंके बल्कि उसे किसी चीज में पैक करके नगर निगम द्वारा इलाकों में रख आए हुए डस्टबिन में डालें।

नंबर 6- कुर्बानी के गोश्त बांटने के लिए भीड़ ना लगे गोश्त को पैक करके लोगों तक पहुंचा दें जिन लोगों ने जानवरों पर हिस्सा लिया हो उनको फोन के जरिए इत्तला कर दे अगर गोश्त लेना चाहते हो तो एक एक को बुलाकर या उन तक पहुंचा दिया जाए.

नंबर 7 -कुर्बानी के जानवर खरीद के लाने वाले लोग खासकर इस बात का ध्यान रखें कि जानवर को हाक कर  ना लाएं बल्कि लोडर पर ई रिक्शा या सवारी पर रख कर लाएं।


नंबर 8 -सफाई का विशेष ध्यान रखें अपने घरों को अपने मोहल्ले को अपने इलाकों को अच्छी तरह से साफ सुथरा कर ले खासकर इलाके के जो जिम्मेदार लोग हैं वे अपनी जिम्मेदारियों को निभाते हुए नगर निगम से सहयोग लेकर सफाई अभियान चलाएं।

नंबर 9- शहर काजी द्वारा नूरी हेल्पलाइन व कंट्रोल रूम का भी गठन किया गया जिसमें कुर्बानी या बकरीद के संबंध में शरई तौर पर जानकारी हासिल की जा सकती है शहर में शांति अमन कायम करने में या अन्य किसी तरह की दिक्कत या परेशानी आने पर इन नंबरों पर संपर्क करें 72 75 291913,  8896624124,              9794898786,8299191448,7985784813, 9984 720 830.

नंबर 10 -कुर्बानी बकरीद के पहले व दूसरे दिन ज्यादा से ज्यादा कर ले तीसरे दिन की कुर्बानी सुबह जल्दी समाप्त कर ले बकरीद के तीसरे दिन यानी सोमवार को हमारे हिंदू भाइयों दो बड़े त्यौहार हैं रक्षाबंधन व सावन का आखिरी सोमवार इस दिन हिंदू भाई भी अपना त्यौहार मनाएंगे  जिसको देखते हुए हमें असामाजिक तत्वों पर नजर रखने की जरूरत है कि वह किसी तरह का माहौल खराब ना कर सके इस मौके पर मुख्य रूप से शहर काजी मौलाना मोहम्मद आलम रजा खान नूरी कारी अब्दुल मुत्तलिब महबूब आलम खान मुफ्ती रफी अहमद मुफ्ती साकिब अदीब हाजी मोहम्मद आमिर मोहम्मद जुनेद असद सिद्दीकी इस्लाम चिश्ती मोहम्मद हाशिम अल्ताफ आलम शादाब आदि थे.

सम्वाददाता
असरफ जमाल की रिपोर्ट 

               

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