उन्नाव में करोड़ों की सरकारी जमीनों का भांडा फोड़ इस प्रकरण में उन्नाव के माननीय और उनके गुर्गों की मिली भगत से चल रहा है जमीनों का धंधा
करोड़ों की जमीन कब्जाने के चक्कर में पाटी जा रही छमकनाली पुलिया
बाढ़ आने पर कई गांव हो सकते हैं जलमग्न
फोटो स्टेडियम पुलिया को पाटने का के लिये डाली गई मिट्टी
शुक्लागंज, उन्नाव।
शुक्लागंज उन्नाव फोरलेन के किनारे डीबीस ग्राउंड के पास पड़ी करोड़ो की बेस कीमती जमीन पर फरवरी माह में जमीन कारोबारी तालाब पर मिट्टी डलवा कर पटवाने का कार्य करा रहे थे। जिसे डीएम के निर्देश पर कार्य बंद करा दिया गया था। इधर कोरोना काल के चलते लाॅक डाउन चल रहा था। जिस कारण तालाब में मिट्टी भरान का काम नहीं हो पाया। स्थितियां सामान्य होने पर जमीन कारोबारियों ने एक बार फिर जमीन को कब्जाने के लिये रातों दिन खुलेआम मिट्टी भरान करा रहे हैं। पुलिया पट जाने से आने वाले दिनों में बाढ़ के दौरान कई गांव जलमग्न हो सकते हैं।
राजधानी मार्ग स्थित श्याम प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम के ठीक बगल में छमकनाली पुलिया है। जिस पर राजस्व विभाग से सांठ गांठ कर जमीन कारोबारियो ने मिट्टी भरान का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। तहसील विभाग का फर्जी नक्शा चलन में है इसीलिए भूमिधरी जमीनों के मालिक परेशान हैं और भूमाफियाओ की बल्ले बल्ले है। सडक के किनारे जमीन होने के कारण भू माफियाआंे की नजर लग गई। उन्होंने राजस्व कर्मियो से सांठ गांठ कर सरकारी भूमि की बिक्री कर डाली। वर्तमान समय में इस भूमि नंबर पर कई आलीशान मकान बनकर खड़े हुए हैं। करोड़ों की भूमि कानपुर के एक धन्नासेठ को बेच दी गई। जबकि यह नंबर अभिलेखों में सडक में दर्ज है। अभिलेखों में हेराफेरी का कार्य बदस्तूर जारी है। वर्तमान में इस क्षेत्र की जमीनांे का नक्सा तहसील विभाग के पास है। उसमें भी गड़बड़ झाला है। जिन लोगों ने भूमिधरी जमीन से प्लाट खरीदे हैं। मनमर्जी तरीके से उनको गायब कर रसूखदारों के नंबर दर्शाये जा रहे हैं। वहीं इस जमीन को भूमिधरी नंबर बता कर कब्जा करने का बदस्तूर कार्य जारी है। ब्रिटिश कालीन की बनी पुलिया के दोनों ओर कब्जे किये जा रहे हैं। जबकि पुलिया और तालाब पाटने पर सुप्रीम कोर्ट तक ने सख्त कदम उठाये हैं। इसके बावजूद जमीन कारोबारी बाज नहीं आ रहे हैं। पूर्व प्रधान रामऔतार निषाद ने बताया कि 1952 के नक्श के आधार पर पुलिया की जमीन के पास भूमिधरी जमीन है। वहीं पीछे ग्राम समाज की जमीन है। पुलिया पट जाने पर आस पास के कई गांव जलमग्न हो सकते हैं। अधिकारी भी मिट्टी भरान से अंजान बने हुये हैं।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
सुप्रीम कोर्ट की नियम के अनुसार पुलिया और तालाब की जगह पर मिट्टी भरान कर पाटा नहीं जा सकता है। लेखपाल को सख्त निर्देश दियेे गये हैं। और कार्य बंद करा दिया गया है। नंबरो में खेल किये गये हैं। पूरी तरह जांच कराई जायेगी।
अक्षय वर्मा, एसडीएम सदर उन्नाव।
प्रधान सम्पादक
हिमांशु श्रीवास्तव

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