Sunday, October 4, 2020

हाथरस_गैंगरेप में उत्तर-प्रदेश सरकार सारा मामला एक सीधे एवम सरल स्वभाव वाले ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ कप्तान के सिर में मढ़ने के फेर में

*हाथरस_गैंगरेप में उत्तर-प्रदेश सरकार सारा मामला एक सीधे एवम सरल स्वभाव वाले ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ कप्तान के सिर मढ़ने के फेर में, जबकि प्रकरण में सारा खेल मुख्यमंत्री स्तर का है, सारी सरकार  भ्रष्ट है:*
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  👉 *पिछले 14 सितंबर से हाथरस में जो भी हो रहा था वो उत्तर प्रदेश सरकार के इशारे पर हो रहा था इसमे कोई संदेह नहीं है। मुख्यमंत्री अजय सिंह विष्ट से लेकर अनेकों मंत्री, प्रमुख सचिव गृह, आदि जिसको लिखना सम्भव भी नहीं है, इस मामले में सभी का सीधा हस्तक्षेप रहा। सोंचिये कि मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक देश विदेश में होने वाली छोटी से लेकर बड़ी घटना तक मे तुरंत ट्वीट करते हैं, किन्तु इस मामले में 15 दिनो तक दोनो की चुप्पी साफ इशारा करती है कि मामले में सरकार पूरी तरह इन्वॉल्व है।
👉 -- सोंचिये कि  मीडिया को घुसने तक की परमिशन नहीं मिली तो निःसंदेह हाथ सरकार का ही था। मामला ऊपर का ही था। एक मजेदार मामला और देखमे को मिला कि पूरी मीडिया ने हर बार कप्तान और जिलाधिकारी का नाम लिया किन्तु एक बार भी किसी भी पत्रकार ने सरकार का नाम नहीं लिया, जबकि दूसरे की सरकार होती तो सीधे सवाल मुख्यमंत्री से होते, किन्तु यहां सारा ठीकरा जिले के कप्तान के सिर पर फोड़ दिया गया।
   👉 किन्तु...सरकार ने अपने आपको पाक साफ दिखाने के लिए एक सीधे साधे कप्तान विक्रांत वीर सिंह जी, जो कि दुर्भाग्य से हाथरस में ही पोस्टेड थे, सरकार के दबाव में पूरे वक़्त रहे। सरकारी कर्मचारी को वैसे भी सरकार के आदेशों का पालन करने के अलावा कोई दूसरा ऑप्शन नहीं रहता, इसी प्रकरण में अंत मे मुख्यमंत्री अजय सिंह बिष्ट ने अथवा इनकी सरकार के पंहुचे हुए लोगों ने कप्तान के ऊपर सारा मामला डाल दिया और अपने आपको पाक साफ बता डाला।*
   👉 *जबकि_कहानी एकदम उल्टी है, पीड़िता का परिवार चिल्ला कर मीडिया से बोला है कि इसमे राजनैतिक हस्तक्षेप है, सब कुछ राजनैतिक इशारे पर हुआ है। ये_सरकार जब से सत्ता में आई है, एक विशेष वर्ग को संरक्षण प्रदान कर रही है, और अपने आपको अच्छा और समाजहित में दिखाने के प्रयास के फेर में जनता से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को लगातार बली का बकरा बना रही है।*
  👉 *सरकार द्वारा एक सीधे साधे प्रसाशनिक अधिकारी को इस तरह जानबूझकर बलि का बकरा बनाया जाना और फिर सजा भी उसी प्रशासनिक अधिकारी को देना पूर्णतया अनुचित है, गैर संवैधानिक है। मैं सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा करता हूँ और अपनी सरकार को पाक साफ बताने के लिए सीधे साधे कप्तान को जिम्मेदार ठहराने के लिए सरकार/मुख्यमंत्री की मंशा पर सवाल खड़ा करते हुए सरकार की पूर्णतया भर्त्सना करता हूँ।*
 👉 *सेंगर केस में क्या हुआ था, कौन बली का बकरा बना, पूरे देश ने देखा था। हम सामान्य जनता का सारा विश्वास देश के संविधान पर है, और हमारी सरकार से मांग है कि इस केस की ईमानदारी पूर्वक जांच कराई जाए और दोषियों को सजा मिले साथ ही सरकारी मंत्रियों, उच्च अधिकारियों आदि दोषियों को भी गलत पाए जाने पर उचित सजा मिले और कप्तान की ससम्मान बहाली हो।*
खबर सूत्रों के हवाले से

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