Wednesday, April 22, 2020

कोरोना से दिल्ली में मरने वाले 83 फीसदी व्यक्ति पहले से रोगी

नई दिल्ली। दिल्ली में कोरोना के 2081 केस हो चुके हैं। इनमें से 431 लोग ठीक हो कर अपने घर जा चुके हैं। दिल्ली में 47 लोगों की कोरोना की वजह से मौत भी हुई है। कोरोना से मरने वाले इन 47 रोगियों में से 83 फीसदी लोग वे हैं, जिन्हें पहले से ही शुगर, हाई ब्लड प्रेशर या कोई और अन्य बीमारी थी। दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में अभी फिलहाल कोरोना के 1603 के एक्टिव मरीज हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, "20 अप्रैल को हमने करीब 1397 सैंपल लिए थे। इनमें केवल 78 केस पॉजिटिव आए हैं। कोरोना की वजह से जिन लोगों की मौत हो रही है। उनका हमने आंकलन किया है।"

सरकार द्वारा किए गए आकलन के मुताबिक, कोरोनावायरस के कारण मरने वाले अधिकांश लोगों की उम्र 50 वर्ष से अधिक है। साथ ही यह लोग विभिन्न अन्य रोगों से भी ग्रस्त थे से भी ग्रस्त थे।

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा, "कोरोना की वजह से जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें से 80 प्रतिशत लोग 50 साल से अधिक उम्र के हैं। इनमें सिर्फ 20 प्रतिशत लोग ही 50 साल से कम उम्र के हैं। इसका मतलब यह है कि जवान लोगों की कम मौत हो रही है।"

उन्होंने कहा, "जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें से 83 प्रतिशत लोगों को कोई और भी बीमारी थी। इन लोगों को पहले से हार्ट, शुगर, सांस लेने में कठिनाई या कैंसर आदि की बीमारी थी।"

गौरतलब है कि पहले से गंभीर रोगों से ग्रसित लोगों में कोरोना उस बीमारी को और खराब कर देता है और उस वजह से उनकी मौत हो जाती है। इसको अंग्रेजी में 'को-मोरबिटी' कहते हैं। जिन लोगों को को-मोरबिटी थी, ऐसे 83 प्रतिशत लोगों की मौत हुई है।

दिल्ली में रहने वाले बुजुर्गों के प्रति अपनी चिंता प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "इसीलिए मैं बार-बार अपील करता हूं कि बुजुर्ग लोग अपना ख्याल रखें। खासकर 60 साल से अधिक उम्र के लोग अपना ख्याल रखें। जिनके घर में बुजुर्ग हैं, वे लोग उनका ख्याल रखें। उन्हें घर से बिल्कुल न निकलने दें। सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखें। जिन लोगों को शुगर, हार्ट या कैंसर समेत कोई और बीमारी है, वो लोग भी अपना खास ख्याल रखें। अगर उनको कोरोना हो गया, तो उनकी जान जा सकती है।"

दिल्ली सरकार ने एंबुलेंस की आवश्यकता को लेकर भी एक आंकलन किया है। यदि दिल्ली में कोरोना की बीमारी बढ़ गई, तो कितने एंबुलेंस की जरूरत पड़ेगी। इसके लिए दिल्ली सरकार ने 60 नई एंबुलेंस की व्यवस्था करने का आदेश दे दिया है।

देश के कई इलाकों में जब पत्रकारों के टेस्ट कराए गए, तो कई पत्रकार भी कोरोना से संक्रमित पाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, "पत्रकार इस समय आगे बढ़ कर रिपोर्टिग कर रहे हैं, देश की सेवा कर रहे हैं। वे बड़ी हिम्मत का काम कर रहे हैं। मैं सभी पत्रकारों के जज्बे को सलाम करता हूं। वे बहुत बड़ा काम कर रहे हैं। इस समय सभी के लिए सही जानकारी मिलना जरूरी है। पत्रकारों की सुरक्षा के मद्देनजर 22 अप्रैल से पत्रकारों की जांच के लिए एक जांच केंद्र शुरू किया है।"

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