Wednesday, May 20, 2020

लॉकडाउन पर केजरीवाल के अलावा बाकी विपक्ष नाखुश

नई दिल्ली (मा.स.स.). कोरोना वायरस लॉकडाउन के बीच दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के बीच की तल्खी कुछ कम होती नजर आ रही है। कोरोना काल में कांग्रेस शासित राज्य भले ही मोदी सरकार पर सौतेले व्यवहार का आरोप लगा रही हो लेकिन अरविंद केजरीवाल ने साफ किया है कि उन्हें मोदी सरकार से कोई शिकवा नहीं है। कोरोना और लॉकडाउन गाइडलाइंस पर बात करते हुए केजरीवाल ने कहा कि ढील जरूरी थी। उन्होंने प्रवासी मजदूरों पर बात करते हुए कहा कि एक दिन में दिल्ली से 50 से 100 ट्रेनें चलानी होंगी। केजरीवाल ने दावा किया कि दिल्ली एकसाथ 50 हजार कोरोना मरीज को हैंडल करने को तैयार है।
पिछले एक दो महीने में कांग्रेस शासित और अन्य सरकारों वाले राज्यों ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। लेकिन केजरीवाल ने बताया कि केंद्र सरकार ने दिल्ली के साथ सौतेले व्यवहार जैसा कुछ नहीं किया। जब भी पीपीई किट, वेंटिलेटर जैसी कोई भी मदद मांगी गई तो केंद्र ने उन्हें दी। केजरीवाल ने कहा कि इसमें केंद्र से दोस्ती जैसा कुछ नहीं है। बस दिल्ली सरकार फिलहाल किसी विवाद में पड़ने की जगह कोरोना के खिलाफ जंग में ध्यान दे रही है।
एक निजी टीवी चैनल से बात करते हुए प्रवासी मजदूरों से जुड़े सवाल पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार केंद्र से मजदूरों के लिए रोजाना 50 से 100 ट्रेनों की मांग करेगी क्योंकि 12-13 ट्रेनों से काम नहीं चलेगा। उन्होंने बताया कि अबतक दिल्ली से 69 ट्रेनें चलाई गई हैं। लेकिन पिछले 4-5 दिनों में 4 लाख से ज्यादा लोगों ने घर जाने के लिए अप्लाइ किया है। ऐसे में अगले तीन-चार दिन 50 से 100 ट्रेनें चलें तब स्थिति कंट्रोल में आएगी।
प्रवासी मजदूरों का जिक्र करते हुए केजरीवाल ने कहा कि मजदूरों को दिल्ली से भेजना उनसे पीछा छुड़ाने जैसा नहीं है। वह बोले कि अभी लोग डरे हुए हैं, उन्हें समझ नहीं आ रहा कि कोरोना कबतक रहेगा इसलिए घर जाना चाहते हैं। उन्हें इज्जत से घर जाने दिया जाना चाहिए, तब ही वे इज्जत से लौटकर आएंगे। अरविंद केजरीवाल ने दावा कि दिल्ली में विषम परिस्थितियों के बावजूद कोरोना पर कंट्रोल किया गया है। वह बोले कि दिल्ली ने जीरो केस से शुरू नहीं किया था। यहां शुरू में ही 2000 मरीज मिल गए थे, जिसमें 1100 दिल्ली तबलीगी मरकज और 900 विदेश से संक्रमण लाए लोग थे।
दिल्ली को खोलने में जल्दीबाजी तो नहीं दिखाई गई? इस सवाल पर केजरीवाल ने कहा कि धीरे-धीरे ही खोला जा रहा है। उन्होंने उदाहरण दिया कि मेट्रो बंद है, सिनेमा, मॉल बंद है। बसों में नियमित सवारी को इजाजत है। इससे पहले दिल्ली सरकार ने सोमवार को कोरोना वायरस लॉकडाउन 4. 0 पर गाइडलाइंस जारी की थीं। इसमें दिल्ली सरकार ने शहर में बाजार और दुकानें खोलने का आदेश दिया है। साथ ही लंबे समय के बाद दिल्ली में पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम भी शुरू होगा, हालांकि इसके लिए कुछ शर्तें तय की गई है।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कोरोना की महामारी की वजह से पूरे विश्व में संकट छाया है। उन्होंने कहा कि कोरोना अभी अगले एक-दो महीने में तो खत्म नहीं होने वाला। कोरोना के साथ अपनी जिंदगी चलाने की आदत डालनी पड़ेगी। लॉकडाउन स्थीयी नहीं रह सकता है। पिछले डेढ़ से दो महीने में लॉकडाउन के समय में दिल्ली सरकार ने अपनी तैयारियां की हैं। अब धीरे- धीरे अर्थव्यवस्था खोलने की दिशा में बढ़ना है। एकदम से सारी गतिविधियों को भी नहीं खोल सकते। केंद्र ने कुछ गाइडलाइंस जारी की है, उनको ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने कई सारी चीजों को खोलने का फैसला किया है।

खबर सूत्रों के हवाले से 


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