Saturday, May 2, 2020

उद्योगों में कार्य करने वाले मजदूर के सामने उनकी रोजी-रोटी का प्रश्न खड़ा हो गया-शिवप्रकाश

कानपुर: कोविड -19 से देश में 35000 से ज्यादा मरीजों में कोरोना के लक्षण पाए गए हैं। 1074 मरीज अब तक काल के गाल में समा चुके हैं।स्वास्थ्य मंत्रालय का निष्कर्ष था कि भारत की जनसंख्या का घनत्व बहुत अधिक है महामारी को रोकने के लिए अन्य देशों की तुलना में स्वास्थ्य विभाग की क्षमता भी पर्याप्त नहीं है।कोरोना संक्रामक बीमारी होने के कारण नियंत्रण के लिए सोशल डिस्टेंसिंग ही प्रभावी उपाय हो सकता है। जो लॉकडाउन- 2 के रूप में अभी भी प्रभावी है। लॉकडाउन के कारण प्रतिदिन कमाकर खाने वाले अथवा उद्योगों में कार्य करने वाले मजदूर सभी के सामने उनकी रोजी – रोटी का प्रश्न खड़ा हो गया। शिवप्रकाश,राष्ट्रीय सह महामंत्री भाजपा के इस कर्त्तव्य की पूर्ती मे संपूर्ण देश में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एवं उसकी प्रेरणा से चलने वाली सेवा संस्थाएं अग्रगणीय हैं, कोरोना संक्रमण से जूझते हुए लोगों की सेवा के लिए संघ फिर आगे आया है। चिन्हित क्षेत्रों में प्रतिदिन भोजन पहुंचाने का कार्य सुचारू रूप से चला । किट बनाकर कच्ची भोजन सामग्री भी परिवारों में पहुंचाई गई। संघ कार्य के प्रति द्वेषभाव दलित विरोध का आरोप लगाने वालो को अनुसूचित एवं मजदूरों  की बस्ती के बीच जाने से ज्ञात होगा कि इस संकट में उनको सहायता करने के लिए संघ के स्वयंसेवक ही उनके बीच में गए हैं। घूमंतू परिवारों में सहायता पहुंचाने का कार्य भी सेवा भारती के कार्यकर्ता कर रहे हैं । स्थान-स्थान पर स्वच्छता कर्मियों को स्वच्छता सम्मान, पुलिस बलों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को सम्मान करने का कार्य भी किया है। इस कारण समाज में भी यह  विश्वास हो गया है कि इस संकट की घड़ी में संघ ही हमारे साथ खड़ा है। रक्तदान, वृद्धों को दवाइयां पहुंचाने सहित सभी कार्य सेवा भारती के कार्यकर्ता कर रहे हैं। लेकिन समाज में अनेक सामाजिक, व्यवसायिक एवं धार्मिक संस्थाएं जो इस संकट की घड़ी में स्वतंत्र रूप से सेवा के लिए आगे आई हैं उनको संचालित करने वाले अनेक लोगों के पीछे भी संघ प्रेरणा एवं संघ संस्कार ही दिखाई देंगे। अनेक आयामों के माध्यम से जहां जैसी आवश्यकता होती है वैसा कार्य उनके स्वयंसेवक करने लगते हैं इसका कारण संघ की शाखा में मिलने वाले संस्कार हैं । जो शाखा में होने वाले शारीरिक एवं बौद्धिक कार्यक्रमों की देन है ।

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