किसान भाइयों शासन द्वारा संचारी रोग नियंत्रण हेतु दिनांक 01 जुलाई, 2020 से 31 जुलाई, 2020 तक संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया
प्रेस विज्ञप्ति
कानपुर नगर, दिनांक 26 जून, 2020
श्री आशीष कुमार सिंह, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, कानपुर ने बताया है कि
किसान भाइयों शासन द्वारा संचारी रोग नियंत्रण हेतु दिनांक 01 जुलाई, 2020 से 31 जुलाई, 2020 तक संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। जिसके क्रम में आज दिनांक 26.06.2020 को उनके द्वारा जिला कृषि रक्षा कार्यालय में समस्त कृषि रक्षा इकाई प्रभारियों की बैठक कर जनपद में संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के बारे में आवश्यक जानकारी दी गई। उन्होंने बताया है कि विकासखण्ड स्तर पर स्थापित राजकीय बीज भण्डार एवं कृषि रक्षा इकाईयों पर कोविड महामारी के दृष्टिगत व्यक्तिगत दूरी एवं अन्य दिशा निर्देशो का पालन करते हुए 5 से 10 कृषकों को भी प्रतिदिन जानकारी दी जायेगी। साथ ही शासन के निर्देशों के क्रम में कोविड हेल्प डास्क संचालन हेतु निर्देशित किया गया। कतिपय संचारी रोग चूहो एवं छछूदर द्वारा भी फैलतें है।
इस अभियान में कृषि विभाग द्वारा चूहा एवं छछूदर नियंत्रण कार्यक्रम चलाया जा रहा है निम्न उपाय अपनाकर चूहों का नियंत्रण किया जा सकता है। 1-चूहो की संख्या को नियंत्रित करने के लिए अन्न भण्डारण पक्की, कंकरीट, तथा धातु से बने पात्रो में करना चाहिए ताकि उनको भोज्य पदार्थ सुगमता से उपलब्ध न हो सके। 2-चूहे अपना बिल, झाडियो, कूडों एवं मेडो आदि में स्थायी रूप से बनाते है खेतों का समय-समय पर निरीक्षण एवं साफ-सफाई करके इनकी संख्या को नियंत्रित किया जा सकता है। 3-चूहो के प्राकृतिक शत्रुओं बिल्ली, सांप, उल्लू, लोमडी, बाज एवं चमगादड आदि द्वारा चूहों को भोजन के रूप में प्रयोग किया जाता है। इनको संरक्षण देने से चूहो की संख्या नियंत्रित हो सकती है। 4-चूहेदानी का प्रयोग करके उसमे आकर्षक चारा जैसे- रोटी, डबलरोटी, बिस्कुट आदि रखकर चूहो को फंसा कर मार देने से इनकी संख्या नियंत्रित की जा सकती है। 5-घरों में ब्रोयोडियोलान 0.005 प्रतिषत के बने चारे की 10 ग्राम मात्रा प्रत्येक जिन्दा बिल में रखने से चूहे उसको खाकर मर जाते है। 6-एल्यूमीनियम फास्फाइड दवा की 3-4 ग्राम मात्रा प्रति जिन्दा बिल में डालकर बिल बन्द कर देने से उससे निकलने वाली फास्फीन गैस से चूहे मर जाते हैं।
उन्होंने बताया है कि चूहा बहुत चालाक प्राणी है। इसको ध्यान में रखते हुए छः दिवसीय योजना बनाकर इनको आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है रूप्रथम दिन-आवासीय घरो एवं आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण एवं बिलों को बन्द करते हुए चिन्हित करे। दूसरे दिन-निरीक्षण कर जो बिल बन्द हो वहां चिन्ह मिटा दे, जहां पर बिल खुले पाये वहां चिन्ह रहने दे। खुले बिल में एक भाग सरसो का तेल एवं 48 भाग भुने दाने का चारा बिना जहर मिलाये बिल में रखें। तीसरे दिन-बिलो का निरीक्षण कर बिना जहर का चारा पुनः रखे। चैथे दिन-जिंक फास्फाइड 80 प्रतिशत की 1 ग्राम मात्रा को 1.0 ग्राम सरसों का तेल एवं 48 ग्राम भुने दाने में बनाये गये चारे को बिल में रखे। पांचवे दिन- बिलों का निरीक्षण करे एवं मरे हुए चूहो को एकत्रकर आबादी से दूर जमीन में गाड़ दे। छठवे दिन-बिलों को पुनः बन्द करे तथा अगले दिन यदि बिल खुले पाये जाये तो उपरोक्त कार्यक्रम पुनः अपनाये। चूहा नियंत्रण के दौरान बरती जाने वाली सावधानियाँः-
1- चूहा नियंत्रण रसायनों का प्रयोग करते समय हाथ में दस्ताने पहनें। 2- रसायनों को बच्चों एवं जानवरों की पहुंच से दूर रखें। 3- मरे हुए चूहों का घर से बाहर सावधानी पूर्वक मिट्टी में दबा दें। 4- दवा के प्रयोग के दौरान घर में रखी खाद्य सामग्री इत्यादि को अच्छी तरह से ढक दें।
----------------
कानपुर नगर, दिनांक 26 जून, 2020
किसान भाइयों शासन द्वारा संचारी रोग नियंत्रण हेतु दिनांक 01 जुलाई, 2020 से 31 जुलाई, 2020 तक संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। जिसके क्रम में आज दिनांक 26.06.2020 को उनके द्वारा जिला कृषि रक्षा कार्यालय में समस्त कृषि रक्षा इकाई प्रभारियों की बैठक कर जनपद में संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के बारे में आवश्यक जानकारी दी गई। उन्होंने बताया है कि विकासखण्ड स्तर पर स्थापित राजकीय बीज भण्डार एवं कृषि रक्षा इकाईयों पर कोविड महामारी के दृष्टिगत व्यक्तिगत दूरी एवं अन्य दिशा निर्देशो का पालन करते हुए 5 से 10 कृषकों को भी प्रतिदिन जानकारी दी जायेगी। साथ ही शासन के निर्देशों के क्रम में कोविड हेल्प डास्क संचालन हेतु निर्देशित किया गया। कतिपय संचारी रोग चूहो एवं छछूदर द्वारा भी फैलतें है।
इस अभियान में कृषि विभाग द्वारा चूहा एवं छछूदर नियंत्रण कार्यक्रम चलाया जा रहा है निम्न उपाय अपनाकर चूहों का नियंत्रण किया जा सकता है। 1-चूहो की संख्या को नियंत्रित करने के लिए अन्न भण्डारण पक्की, कंकरीट, तथा धातु से बने पात्रो में करना चाहिए ताकि उनको भोज्य पदार्थ सुगमता से उपलब्ध न हो सके। 2-चूहे अपना बिल, झाडियो, कूडों एवं मेडो आदि में स्थायी रूप से बनाते है खेतों का समय-समय पर निरीक्षण एवं साफ-सफाई करके इनकी संख्या को नियंत्रित किया जा सकता है। 3-चूहो के प्राकृतिक शत्रुओं बिल्ली, सांप, उल्लू, लोमडी, बाज एवं चमगादड आदि द्वारा चूहों को भोजन के रूप में प्रयोग किया जाता है। इनको संरक्षण देने से चूहो की संख्या नियंत्रित हो सकती है। 4-चूहेदानी का प्रयोग करके उसमे आकर्षक चारा जैसे- रोटी, डबलरोटी, बिस्कुट आदि रखकर चूहो को फंसा कर मार देने से इनकी संख्या नियंत्रित की जा सकती है। 5-घरों में ब्रोयोडियोलान 0.005 प्रतिषत के बने चारे की 10 ग्राम मात्रा प्रत्येक जिन्दा बिल में रखने से चूहे उसको खाकर मर जाते है। 6-एल्यूमीनियम फास्फाइड दवा की 3-4 ग्राम मात्रा प्रति जिन्दा बिल में डालकर बिल बन्द कर देने से उससे निकलने वाली फास्फीन गैस से चूहे मर जाते हैं।
उन्होंने बताया है कि चूहा बहुत चालाक प्राणी है। इसको ध्यान में रखते हुए छः दिवसीय योजना बनाकर इनको आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है रूप्रथम दिन-आवासीय घरो एवं आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण एवं बिलों को बन्द करते हुए चिन्हित करे। दूसरे दिन-निरीक्षण कर जो बिल बन्द हो वहां चिन्ह मिटा दे, जहां पर बिल खुले पाये वहां चिन्ह रहने दे। खुले बिल में एक भाग सरसो का तेल एवं 48 भाग भुने दाने का चारा बिना जहर मिलाये बिल में रखें। तीसरे दिन-बिलो का निरीक्षण कर बिना जहर का चारा पुनः रखे। चैथे दिन-जिंक फास्फाइड 80 प्रतिशत की 1 ग्राम मात्रा को 1.0 ग्राम सरसों का तेल एवं 48 ग्राम भुने दाने में बनाये गये चारे को बिल में रखे। पांचवे दिन- बिलों का निरीक्षण करे एवं मरे हुए चूहो को एकत्रकर आबादी से दूर जमीन में गाड़ दे। छठवे दिन-बिलों को पुनः बन्द करे तथा अगले दिन यदि बिल खुले पाये जाये तो उपरोक्त कार्यक्रम पुनः अपनाये। चूहा नियंत्रण के दौरान बरती जाने वाली सावधानियाँः-
1- चूहा नियंत्रण रसायनों का प्रयोग करते समय हाथ में दस्ताने पहनें। 2- रसायनों को बच्चों एवं जानवरों की पहुंच से दूर रखें। 3- मरे हुए चूहों का घर से बाहर सावधानी पूर्वक मिट्टी में दबा दें। 4- दवा के प्रयोग के दौरान घर में रखी खाद्य सामग्री इत्यादि को अच्छी तरह से ढक दें।
----------------
Labels: Kanpur




0 Comments:
Post a Comment
Subscribe to Post Comments [Atom]
<< Home