मध्य प्रदेश में कोरॉना की बढ़ती संख्या को लेकर इंदौर के श्री चिन्मय मिश्रा जी द्वारा आज उच्चतम न्यायालय में याचिका दाखिल करी गई
डॉ सर्वम ऋतम खरे ने बताया की याचिका में कहा गया है कि मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य संबंधी इस महामारी से निपटने हेतु आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्था नहीं है। इस स्थिति में स्वास्थ्य मंत्री नई है और स्वास्थ्य मंत्रालय का 100 के आस पास का अमला खुद इंफेक्शन की चपेट मै है।
याचिका मै उच्चतम न्यायालय द्वारा राज्य सरकार के लिए निर्देश मांगे गए है जिनमें प्रमुख रूप से राज्य सरकार को विशेषज्ञ समिति जिसके पास कार्यपालक शक्तियां भी हो का गठन किया जाए। जिस तरह की समितियां महाराष्ट्र और राजस्थान में गठित करी गई है और राजस्थान मै असर सामने देखने को मिला है।
दूसरा, मध्य प्रदेश मै टेस्टिंग लैब को बढ़ाने के लिए निर्देश मांगा गया है। याचिका मै कहा गया है कि अभी भी मध्य प्रदेश के पास टेस्टिंग हेतु पर्याप्त संख्या मै लैब्स उपलब्ध नई है. जिससे सैंपल बाहर भेजने पड़ रहे हैं और टेस्टिंग मै समय भी लग रहा है और सैंपल फैल भी हो रहे है। तथा लैब्स को रेपिड एंटीबॉडी टेस्टिंग किट्स दिए जाए।
इसके साथ ही इस आशय हेतु निर्देश मांगा गया है कि कोई भी अस्पताल किसी भी बीमार व्यक्ति को इलाज के लिए मना ना करे, इस तरह के मामले सामने आए है की व्यक्ति को अस्पताल ने दाखिल करने से मना कर दिया और इलाज ना मिलने की वजह से व्यक्ति की मौत हो गई। इसका उच्चतम न्यायालय से संज्ञान लेने हेतु प्रार्थना करी गई है।
इनके अलावा कम से कम सभी रेड ज़ोन के जिलों में टेस्टिंग लैब्स स्थापित करने हेतु निर्देश मांगा गया है. ग्रीन और ऑरेंज ज़ोन मै भी टेस्टिंग बढ़ाए जाने हेतु निर्देश मांगे गए हैं। याचिका मै कहा है कि कई ग्रीन ज़ोन के जिलों मै टेस्ट 100 से भी कम हुए है और उज्जैन सरीखे प्रभावित जिले में लैब नई है।
इनके अलावा लोगो के रहने और खाने की व्यवस्था समंधी भी निर्देश चाहे गए है।
याचिककर्ता की तरफ से अधिवक्ता डॉ सर्वम ऋतम खरे ने याचिका दाखिल करी।
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