Monday, June 1, 2020

बिना हिचक व भय के मेडिकल ईमरजेन्सी में आये लोग- चिकित्सा शिक्षा मंत्री - हर 15 दिनों में 90 मिनट की कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश

बिना हिचक व भय के मेडिकल ईमरजेन्सी में आये लोग- चिकित्सा शिक्षा मंत्री
- हर 15 दिनों में 90 मिनट की कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश


मेरठ। चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार खन्ना व श्रम राज्य मंत्री (दर्जा प्राप्त) पंडित सुनील भराला ने सोमवार को लाला लाजपत रॉय मेडिकल कालिज का निरीक्षण कर वहां दी जा रही व्यवस्थाओं को जाना तथा डाक्टर व स्टॉफ को मरीज के साथ सहानुभूतिपूर्वक व आत्मीयता से व्यवहार करने के लिए कहा। मंत्री ने कहा कि ईमरजेन्सी सेवायें मेडिकल कालिज की चालू है यह संदेश आमजन तक पहुंचना चाहिए। उन्होने ओपीडी में टेलिमेडिसिन के माध्यम से सामान्य बिमारियों का ईलाज कराने के लिए कहा ।
 हर 15 दिनों में मेडिकल कालिज के डाक्टरों व स्टाफ के लिए ऐथिक्स (नैतिकता) पर 90 मिनट की कक्षाएं (कार्यशाला) आयोजित कराने के लिए कहा।
वित्त, संसदीय कार्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने लाला लाजपत रॉय मेडिकल कालिज का निरीक्षण कर वहां ईमरजेन्सी वार्ड, ओपीडी, डायलेसिस यूनिट आदि का निरीक्षण किया तथा वहां मरीजो का हाल जाना। उन्होने भर्ती मरीजो से पूछा कि नाश्ते में क्या मिलता है और खाना समय पर मिलता है अथवा नहीं। डाक्टर समय से व अच्छा ईलाज कर रहे है अथवा नहीं तथा पूछा कि साफ-सफाई की व्यवस्था कैसी है, जिस पर मरीजो ने अवगत कराया कि खाना अच्छा दिया जा रहा है, डाक्टर भी नियमित रूप से आकर चैक करते है तथा मेडिकल कालिज का वातावरण व साफ-सफाई भी ठीक है। उन्होने हर 3 घंटे में वार्डों की सफाई कराने के लिए प्रधानाचार्य, मेडिकल कालिज को निर्देशित किया।
उन्होने कहा कि पूर्व में मेडिकल में करीब 3000 लोग ईमरजेन्सी में आते थे अब यह संख्या बहुत कम है। जो भी मरीज यहां आयेगा उसका कोरोना परीक्षण किया जायेगा। अगर वह पाजिटीव आता है तो कोरोना वार्ड में भर्ती किया जायेगा अन्यथा उसको जो बीमारी होगी उसका ईलाज किया जायेगा। उन्होने कहा कि मेडिकल ईमरजेन्सी में लोग बिना हिचक व भय के आये।
इस उन्होंने दौरान ईमरजेन्सी वार्ड में भर्ती मरीजो व आईपीडी का निरीक्षण किया तथा शौचालय का निरीक्षण कर वहां हाथ धोने के लिए साबुन की व्यवस्था व हाथ पोछने के लिए तौलिये आदि की व्यवस्था करने, यूरिनल में फिनाईल की गोली डलवाने के लिए निर्देशित किया। उन्होने कहा कि लोगो को यह मालूम होना चाहिए कि ईमरजेन्सी सेवायें मेडिकल कालिज में प्रारम्भ है। उन्होने ओपीडी में टेलिमेडिसिन के माध्यम से सामान्य बिमारियों का ईलाज कराने के लिए कहा तथा इसके लिए मजिस्टे्रटों के माध्यम से भी फीडबैक लेने के लिए कहा। इस अवसर पर मेरठ दक्षिण विधायक सोमेन्द्र तोमर, यूपी श्रम कल्याण परिषद के अध्यक्ष/राज्यमंत्री पंडित सुनील भराला व डीएम अनिल ढींगरा, सीएमओ राजकुमार चौधरी, मेडिकल के प्राचार्य सहित  आलाधिकारी भी मौजूद रहे।

मेरठ संवददाता की रिपोर्ट 

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Sunday, May 10, 2020

मेरठ जनपद के रोहटा थाना क्षेत्र में जनता इंटर कॉलेज कैथवाड़ी में क्वारंटीन लोगों के सैंपल लेकर लौट रही

मेरठ जनपद के रोहटा थाना क्षेत्र में जनता इंटर कॉलेज कैथवाड़ी में क्वारंटीन लोगों के सैंपल लेकर लौट रही स्वास्थ्य विभाग की टीम को पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इसके विरोध में चिकित्सक स्वास्थ्य सेवाएं ठप कर सीएचसी पर धरने पर बैठ गए। एसएसपी ने एक सिपाही को लाइन हाजिर करते हुए इंस्पेक्टर रोहटा व दरोगा के खिलाफ एसपी देहात को जांच सौंप दी है।

संवाददाता
शिवा यादव की रिपोर्ट 

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Thursday, April 23, 2020

मेरठ के फरार 5 कोरोना संदिग्ध आए वापस,बाकी को ढूंढ रही पुलिस।

मेरठ -मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड से मंगलवार देर रात कोरोना के नौ संदिग्ध पेशेंट्स के फरार होने की सूचना का पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने खंडन किया है। अधिकारियों के मुताबिक यह सभी पेशेंट्स गलतफहमी में अपने घर चले गए थे, जिनमें से अधिकांश को बरामद कर लिया गया है।
बताते चलें कि मंगलवार रात करीब नौ बजे मेडिकल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती 12 संदिग्ध मरीजों को सुभारती हॉस्पिटल में शिफ्ट किया जा रहा था। इसी दौरान अचानक नौ संदिग्ध मरीज लापता हो गए। जिनके फरार होने की सूचना के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मचा था। बुधवार की सुबह सीएमओ डॉक्टर राजकुमार ने इन मरीजों के फरार होने की बात से इनकार किया। सीएमओ ने बताया कि शिफ्टिंग के दौरान गलतफहमी के चलते नौ मरीज अपने घर चले गए थे। जिनमें से छह को देर रात वापस बुला लिया गया। इसी के साथ अन्य की तलाश भी जारी है। उन्होंने घटना को मामूली लापरवाही बताते हुए भविष्य में इस तरह की कोई कोताही न बरतने की बात कही। सीएमओ ने बताया कि जिले में अब तक कोरोना के कुल 82 मामले सामने आए हैं। जिनमें से अट्ठारह डिस्चार्ज होकर अपने घर जा चुके हैं, जबकि तीन की मौत हो चुकी है। मंगलवार को कुल 105 सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे, जिनमें से सिर्फ एक व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। सीएमओ ने बताया कोरोना पॉजिटिव महिला के परिजनों की रिपोर्ट बुधवार शाम तक आएगी।

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