Monday, May 25, 2020

भाजपा के प्रत्याशियों से गोपनीय स्तर पर रायशुमारी की जा रही, उपचुनाव के पहले चंबल में पुलिस की बड़ी सर्जरी तय

ग्वालियर. उपचुनाव के पहले जिले में पुलिस में बड़ी सर्जरी होने वाली है। थानों में काफी बदलाव होगा यह तय है कि चुनाव के मद्देनजर पोस्टिंग की जाएगी इसके पहले प्रत्याशियों से रायशूमारी भी होगी। प्रदेश में कांग्रेस सरकार गिराने के बाद 24 सीटों पर दोबारा उपचुनाव होने जा रहे है। कोरोना महामारी के बीच उपचुनाव अगस्त से सितंबर तक हो सकते है। इनमें सर्वाधिक ग्वालियर चंबल की सीटें है ऐसे में पुलिस प्रशासन की सर्जरी इन्ही दो जोन में बड़े स्तर पर होना संभावित है इसके पहले चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार पिछले विधानसभा और लोकसभा में जिलों में पदस्थ रहने वाले अफसरों को सरकार को हटाना पड़ेगा।
भाजपा के प्रत्याशियों से गोपनीय स्तर पर रायशुमारी भी की जा रही
यहां वर्तमान विधायक व प्रत्याशियों को बड़ा टेंशन है। चुनाव में सरकार आने के बाद ही जिले में कांग्रेस ने अपने हिसाब से बड़े स्तर पर फेरबदल किया था हालांकि अब बदलाव ज्यादा इसलिए भी नहीं होगा क्योंकि ज्यादातर सारे जीते हुए कांग्रेसी ही बागी होकर भाजपा में शामिल हुए है। ऐसे में बदलाव की स्थिती ज्यादा नहीं बनेगी जबकि थाना प्रभारी व अफसर विधानसभा व लोकसभा चुनाव के दौरान भी मौजूद रहे है। उन्हें चुनाव आयोग बाहर का रास्ता दिखाएगा इसके लिए भाजपा के प्रत्याशियों से गोपनीय स्तर पर रायशुमारी भी की जा रही है। जिन थानों में टीआई हटाये जाने है वहां दूसरों को लाने की तैयारी जोरशोर से शुरू हो चुकी है ऐसे में कई अफसर वापसी कर सकते है। वहीं कुछ तात्कालिक तौर पर लूप लाइन में जाने के बाद चुनाव के बाद वापसी कर सकते हैं।

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ग्वालियर वासियों का कांग्रेस पर तंज 5100 का इनाम रखा था कांग्रेस प्रवक्ता ने

ग्वालियर वासियों का कांग्रेस पर तंज

5100 का इनाम रखा था कांग्रेस प्रवक्ता ने

ग्वालियर। छिंदवाड़ा से कांग्रेस के खिलाफ शुरू हुई पोस्टर राजनीति अब पलट कर भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की ओर मुड़ चली है। जी हां अब कांग्रेसियों ने ग्वालियर में ज्योतिरादित्य सिंधिया के गायब होने संबंधी पोस्टर चस्पा कर दिए हैं। ज्ञात ही है कि हाल ही में पोस्टर राजनीति की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के गृह जिले छिंदवाड़ा से हुई थी। वहां पर विधायक होने के नाते कमलनाथ और सांसद होने के नाते उनके पुत्र नकुल नाथ के खिलाफ गली-गली में पोस्टर चस्पा किए गए थे।
इन पोस्टरों में पिता पुत्र को इसलिए गायब करार दिया गया था, क्योंकि यह दोनों लंबे समय से छिंदवाड़ा में दिखाई नहीं दिए थे। इसके बाद बारी आई विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति की। बता दें कि प्रजापति गोटेगांव के विधायक है वहां पर भी उनके खिलाफ पोस्टर चस्पा हो चुके हैं। इन पोस्टरों में प्रजापति को गायब करार देते हुए उन्हें खोजने का उपक्रम प्रदर्शित किया गया था। दोनों ही जगहों पर पोस्टर चिपकाने वालों के रूप में स्थानीय नागरिक एवं मतदाता गण लिखा हुआ था।
अब कांग्रेसियों ने इस राजनीति का पलटवार सिंधिया पर किया है। इस प्रतिघात से यह स्पष्ट हो गया है, कल तक जो सिंधिया भाजपा के निशाने पर रहा करते थे अब वे कांग्रेसी नेताओं के निशाने पर हैं। अब ग्वालियर में जगह-जगह सिंधिया के पोस्टर चिपक गए हैं। इनमें उन्हें गायब बताते हुए खोजने का उपक्रम प्रदेश प्रदर्शित है। पहले वाले पोस्टरों की तर्ज पर यहां इसे चिपकाने और छपवाने वालों में नागरिकों और मतदाताओं की उपस्थिति नदारद है।
यहां पोस्टर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता सिद्धार्थ सिंह राजावत का नाम छापना पड़ गया है। बता दें कि ग्वालियर चंबल अंचल सिंधिया राजघराने के नाम से ही जाना पहचाना जाता है। यह सिंधिया राजघराने का गृह क्षेत्र भी है। ऐसे में ज्योतिरादित्य सिंधिया के लापता होने के पोस्टर जन चर्चा का विषय बन गए हैं। वह इसलिए, क्योंकि पोस्टर लगाने वालों ने सिंधिया को गुमशुदा तो बताया ही है, उन्हें खोज कर लाने वाले को 5 हजार 100 रुपए इनाम देने की घोषणा भी की है

भोपाल ब्यूरो
स्मृति यादव की रिपोर्ट 

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