Friday, July 17, 2020

नोएडा: यूपी ऑपरेशन क्लीन जारी,पुलिस मुठभेड़ में सुंदर भाटी गिरोह के बदमाश 50000 के इनामी योगेश उर्फ

नोएडा: यूपी ऑपरेशन क्लीन जारी,पुलिस मुठभेड़ में सुंदर भाटी गिरोह के बदमाश 50000 के इनामी योगेश उर्फ कारतूस और दूसरे 25000 के इनामी बदमाश को लगी गोली, लूटी गई ब्रेजा बरामद, सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र का पूरा मामला,

नोएडा संवाददाता की रिपोर्ट 





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Wednesday, July 1, 2020

उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना एक्सप्रेसवे के औद्योगिक विकास प्राधिकरणों (यीडा) में अधूरे ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए समय सीमा डेढ़ वर्ष बढ़ा दी है

उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना एक्सप्रेसवे के औद्योगिक विकास प्राधिकरणों (यीडा) में अधूरे ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए समय सीमा डेढ़ वर्ष बढ़ा दी है
अब बिल्डर्स 30 जून, 2020 की जगह 31 दिसंबर, 2021 तक इन प्रोजेक्ट को पूरा कर सकेंगे।


खबरसूत्रों के हवाले से 


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Thursday, June 18, 2020

पति के पास जा रही महिला से चलती बस में सामूहिक बलात्कार*

पति के पास जा रही महिला से चलती बस में सामूहिक बलात्कार
पति के पास जा रही महिला से चलती बस में सामूहिक बलात्कार

बच्चों को जान से मारने की धमकी देकर सीट से बांधकर किया गया दुष्कर्म
बस को कब्जे में लेकर पुलिस ने सीज किया
बस को पुलिस ने कब्जे में लिया: क्लीनर गिरफ्तार, ड्राइवर- कंडक्टर फरार
लखनऊ/नोएडा।* बच्चों के साथ बस में सफर कर रही महिला के साथ चलती बस में दरिंदों ने बलात्कार किया। रेप की ये सनसनीखेज घटना प्रतापगढ़ से नोएडा जा रही बस के अंदर घटी। पुलिस ने मामला दर्ज कर एक आरोपी चालक को गिरफ्तार कर बस को कब्जे में ले लिया है। प्रतापगढ़ से नोएडा जा रही महिला के साथ बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने रेप किया‌ महिला ने विरोध किया लेकिन उसे बस में सबसे पीछे वाली सीट पर बांधकर दुष्कर्म को अंजाम दिया गया। नोएडा पहुंचकर महिला ने पति को अपने साथ घटी घटना की जानकारी दी जिसके बाद दोनों ने पुलिस से शिकायत की है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर महिला को मेडिकल के लिए जिला अस्पताल भेजा। वह जिस बस में सफर कर रही थी, उसे पुलिस ने जब्त कर लिया है।
बच्चों को जान से मारने की धमकी देकर किया रेप
महिला ने पुलिस को बताया कि वह अपने दो बच्चों के साथ प्रतापगढ़ से नोएडा आ रही थी, वह पहली बार नोएडा आई है। कंडक्टर ने उसे बस में सबसे पीछे वाली सीट दी थी। मथुरा तक सब कुछ सामान्य रहा, मथुरा से जब बस नोएडा के लिए निकली तो बस का ड्राइवर उसके पास आ गया और छेड़छाड़ करने लगा। महिला ने विरोध किया तो ड्राइवर ने धमकी दी कि अगर उसने शोर मचाया या विरोध किया तो उसे और उसके दोनों बच्चों को जान से मार देगा। इस बीच क्लीनर बस चलाता रहा। इसके बाद महिला को पीछे वाली सीट पर बांधकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया।
महिला ने झांसा देकर पति को फोन कर बुलाया--
महिला का कहना है कि बाद में बस का कंडक्टर और क्लीनर भी आए। उन्होने भी महिला से दुष्कर्म किया। महिला को पैसे देकर मुंह बंद रखने की चेतावनी दी। महिला का कहना है कि उसने इन तीनों लोगों को झांसा देने के लिए हां में हां भर दी। यह लोग जब आगे जाकर बैठ गए तो महिला ने अपने पति को मोबाइल से कॉल कर घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी। बुधवार की सुबह जब बस नोएडा पहुंची तो सेक्टर 62 में महिला का पति अपने एक साथी के साथ वहां पहुंचा तो हंगामा खड़ा हो गया, बस का ड्राइवर और कंडक्टर बस को सेक्टर 62 में छोड़कर भाग गए।
डीसीपी वृंदा शुक्ला मामले की जानकारी देते हुए* 👆
शिकायत मिलते ही पुलिस ने एक्शन लिया---
इसके बाद महिला और उसका पति सेक्टर 20 थाने पहुंचे और घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी। पुलिस तत्काल महिला की बताई गई जगह पर पहुंची, पुलिस ने बस को जब्त कर लिया। पुलिस का कहना है कि जल्दी ही फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर ली है। बस मालिक और कंडक्टर, ड्राइवर, हेल्पर के पते-ठिकाने मिल गए हैं, उनकी तलाश के लिए छापेमारी चल रही है। पुलिस ने वोल्वो बस को कब्जे में लेकर थाने ले जाकर सीज कर दिया। फरार बस के ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार करने के लिए डीसीपी (महिला अपराध) वृंदा शुक्ला ने टीम गठित की है जो गिरफ्तारी के लिए लगातार छापामारी कर रही है।
विशेष संवाददाता विजय आनंद वर्मा की रिपोर्ट.
खबर सूत्रों के हवाले से 

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Wednesday, June 17, 2020

नोएडा के सेक्टर 24 स्थित ईएसआई अस्पताल के गेट पर सैकड़ों की तादाद में संविदा कर्मचारी बैठे धरने पर

नोएडा के सेक्टर 24 स्थित ईएसआई अस्पताल के गेट पर सैकड़ों की तादाद में संविदा कर्मचारी बैठे धरने पर, अस्पताल के खिलाफ की जमकर नारेबाजी, कर्मचारियों का आरोप- 3 महीने से नहीं मिली सैलरी, सैलरी ना मिलने से आर्थिक स्थिति हुई खराब।
नोएडा के सेक्टर 24 की स्थित ईएसआई अस्पताल में सैकड़ों की तादाद में संविदा कर्मचारी पिछले 3 महीने से वेतन ना मिलने के कारण अस्पताल के गेट पर बैठे धरने पर, संविदा कर्मचारियों का कहना है कि पहले ₹42000रु. सैलरी मिलती थी लेकिन पिछले कई महीनों से सैलरी काट कर 14000रु कर दी गई थी, वहीं तीन महीनों से 120 कर्मचारियों को सैलरी नहीं दी गई है और ना ही इन कर्मचारियों की शिकायत पर कोई सुनवाई हुई है, कर्मचारियों का कहना है कि उनके द्वारा उच्चाधिकारियों को कंप्लेंट करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है, बल्कि अधिकारियों द्वारा झूठा आश्वासन ही दिया गया है, अस्पताल प्रशासन से बात करने पर भी कोई सुनवाई नहीं हुई है।
हालांकि कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी तब तक वह सभी कर्मचारी ऐसे ही धरने पर बैठे रहेंगे,
थाना क्षेत्र सेक्टर 24 की घटना।

नोएडा संवाददाता की रिपोर्ट 

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दिव्यांजली पाण्डेय:- नोएडा सेक्टर 24 स्थित “मॉडल ईएसआई” हॉस्पिटल इन दिनों लगातार सुर्खियों में बना हुआ है, पहले गर्भवती महिला की मौत के बाद यहां के निदेशक को बदला गया था, अब एक 22 वर्षीय युवती के सातवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर लेने पर एक बार फिर ईएसआई हॉस्पिटल पर दाग लगा है। लड़की के परिजनों ने अस्पताल पर अनदेखी करने के आरोप के साथ-साथ, उसकी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। वही ईएसआई हॉस्पिटल के निदेशक की तरफ से सफाई आई है कि शायद युवती को ही कोई व्यक्तिगत परेशानी थी, जिसके कारण उसने ये कदम उठाया, उनके स्टाफ की तरफ से कोई लापरवाही नहीं बरती गई है। वही पुलिस गुपचुप तरीके से शव का पंचनामा भरकर आवश्यक कार्रवाई करने के बाद विधिक कार्रवाही करने की बात कह रही है। एक होनहार बीकॉम कि छात्रा कंचन कि ये तस्वीर अब परिवार को उसकी याद दिलाती रहेगी, दर्द से तड़फती हुई 22 वर्षीय कंचन के ईएसआईसी अस्पताल के सातवीं मंजिल से कूद कर आत्महत्या कर ली। नोएडा के सेक्टर 45 के खजूरी कॉलोनी में रहने वाले पूजा राम की बेटी कंचन को रविवार की सुबह 10:00 बजे ईएसआई हॉस्पिटल में इलाज के लिए लेकर आए थे। भाई अनिल कुमार ने बताया कि भर्ती करने के नाम पर उन्हें सुबह से लेकर शाम तक दौड़ाया गया आखिरकार शाम को 7:00 बजे सातवें फ्लोर पर स्थित आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर लिया गया। अनिल ने बताया कि उसे टीवी रोग था उसे कोरोना नहीं था उसकी बहन दर्द से तड़प रही थी और इलाज न किए जाने पर काफी परेशान थी वह बार-बार अस्पताल के कर्मचारियों से कह देती है सर मेरा इलाज कर दीजिए मेरा इलाज कब करोगे जब मैं मर जाऊंगी। भाई अनिल का कहना है कि पहले अस्पताल के स्टाफ उसको भर्ती करने को तैयार नहीं थे फिर किसी तरह से भर्ती किया तो रात भर उसको भूखा रखा गया । स्टाफ का एक आदमी खाने की थाली लेकर आया था लेकिन बाद में वह खाली उसके सामने से खींच कर ले गया कहा यह दूसरे मरीज की है तुम्हें खाना कल मिलेगा। दर्द और भूख से तड़फती कंचन ने अपने पिता पूजाराम से पीने के लिए जूस मांगा था पूजा राम नीचे जूस लेने आए उसी दौरान कंचन ने खिड़की से कूदकर आत्महत्या कर ली। कंचन के परिजनों का आरोप है कि कोई अस्पताल कि सातवीं मंजिल से कूद जाता है और अस्पताल के कर्मचारियों को भनक तक नहीं लगती है परिजनों ने अस्पताल पर अनदेखी करने के साथ-साथ, उसकी मौत का जिम्मेदार भी ठहराया है। ऐसा कैसे हो सकता है जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। वही ईएसआई हॉस्पिटल के निदेशक की तरफ से सफाई आई है कि शायद युवती को ही कोई व्यक्तिगत परेशानी थी, जिसके कारण उसने ये कदम उठाया। पुलिस शव का पंचनामा भरकर आवश्यक कार्रवाई करने के बाद विधिक कार्रवाही करने कि बात कह रही है।

ग्रेटर नोएडा – कम्पनी के गोदाम में लगी भीषण आग,यामाहा कम्पनी के ओटो पार्टस गोदाम मे लगी आग, मौके पर फायर ब्रिगेड की एक दर्जन गाडियां मौजूद,आग पर काबू पाने में जुटी, कोई जनहानि नही ,आग लगने का कारण स्प्ष्ट नही,
ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर थाना क्षेत्र में स्थित “यामाहा कंपनी” के ऑटो पार्ट्स के गोदाम में लगी भीषण आग, आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है फिलहाल आग लगने से कोई जनहानि नहीं हुई है।
दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा में यामाहा कंपनी के ऑटो पार्ट्स गोदाम में सुबह करीब 7:00 से 8:00 बजे भीषण आग लगने की सूचना से अफरातफरी का माहौल बन गया,आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, फायर बिग्रेड की एक दर्जन से ज्यादा गाड़ियां आग बुझाने में जुटी है, फायर बिग्रेड की टीम के साथ सूरजपुर पुलिस भी आग बुझाने में लगी,
आग लगने का यह मामला सूरजपुर थाना क्षेत्र का है फिलहाल आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है लेकिन जानकारी के मुताबिक किसी भी तरीके की जनहानि सामने नहीं आई है आग लगने से लाखों रुपए के ऑटो पार्ट्स का गोदाम में रखा माल जलने की आशंका जताई जा रही है, दमकल कर्मी और अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और आग बुझाने की कड़ी मशक्कत में लगे हुए हैं,
अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया है कि फिलहाल आग किन कारणों से लगी है यह स्पष्ट नहीं हुआ है, आग किन कारणों से लगी है इसकी जांच कराई जाएगी।

नोएडा संवाददाता की रिपोर्ट 

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अस्पताल कि उपेक्षा और भूख और दर्द से तड़फती होनहार छात्रा, सातवीं मंजिल से कूदकर की ख़ुदकुशी


नोएडा सेक्टर 24 स्थित “मॉडल ईएसआई” हॉस्पिटल इन दिनों लगातार सुर्खियों में बना हुआ है, पहले गर्भवती महिला की मौत के बाद यहां के निदेशक को बदला गया था, अब एक 22 वर्षीय युवती के सातवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर लेने पर एक बार फिर ईएसआई हॉस्पिटल पर दाग लगा है। लड़की के परिजनों ने अस्पताल पर अनदेखी करने के आरोप के साथ-साथ, उसकी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। वही ईएसआई हॉस्पिटल के निदेशक की तरफ से सफाई आई है कि शायद युवती को ही कोई व्यक्तिगत परेशानी थी, जिसके कारण उसने ये कदम उठाया, उनके स्टाफ की तरफ से कोई लापरवाही नहीं बरती गई है। वही पुलिस गुपचुप तरीके से शव का पंचनामा भरकर आवश्यक कार्रवाई करने के बाद विधिक कार्रवाही करने की बात कह रही है।
एक होनहार बीकॉम कि छात्रा कंचन कि ये तस्वीर अब परिवार को उसकी याद दिलाती रहेगी, दर्द से तड़फती हुई 22 वर्षीय कंचन के ईएसआईसी अस्पताल के सातवीं मंजिल से कूद कर आत्महत्या कर ली। नोएडा के सेक्टर 45 के खजूरी कॉलोनी में रहने वाले पूजा राम की बेटी कंचन को रविवार की सुबह 10:00 बजे ईएसआई हॉस्पिटल में इलाज के लिए लेकर आए थे। भाई अनिल कुमार ने बताया कि भर्ती करने के नाम पर उन्हें सुबह से लेकर शाम तक दौड़ाया गया आखिरकार शाम को 7:00 बजे सातवें फ्लोर पर स्थित आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर लिया गया। अनिल ने बताया कि उसे टीवी रोग था उसे कोरोना नहीं था उसकी बहन दर्द से तड़प रही थी और इलाज न किए जाने पर काफी परेशान थी वह बार-बार अस्पताल के कर्मचारियों से कह देती है सर मेरा इलाज कर दीजिए मेरा इलाज कब करोगे जब मैं मर जाऊंगी।
भाई अनिल का कहना है कि पहले अस्पताल के स्टाफ उसको भर्ती करने को तैयार नहीं थे फिर किसी तरह से भर्ती किया तो रात भर उसको भूखा रखा गया । स्टाफ का एक आदमी खाने की थाली लेकर आया था लेकिन बाद में वह खाली उसके सामने से खींच कर ले गया कहा यह दूसरे मरीज की है तुम्हें खाना कल मिलेगा। दर्द और भूख से तड़फती कंचन ने अपने पिता पूजाराम से पीने के लिए जूस मांगा था पूजा राम नीचे जूस लेने आए उसी दौरान कंचन ने खिड़की से कूदकर आत्महत्या कर ली।
कंचन के परिजनों का आरोप है कि कोई अस्पताल कि सातवीं मंजिल से कूद जाता है और अस्पताल के कर्मचारियों को भनक तक नहीं लगती है परिजनों ने अस्पताल पर अनदेखी करने के साथ-साथ, उसकी मौत का जिम्मेदार भी ठहराया है। ऐसा कैसे हो सकता है जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। वही ईएसआई हॉस्पिटल के निदेशक की तरफ से सफाई आई है कि शायद युवती को ही कोई व्यक्तिगत परेशानी थी, जिसके कारण उसने ये कदम उठाया। पुलिस शव का पंचनामा भरकर आवश्यक कार्रवाई करने के बाद विधिक कार्रवाही करने कि बात कह रही है।

नोएडा संवाददाता की रिपोर्ट 

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Sunday, June 14, 2020

कोरोना: प्राइवेट लैब का फर्जीवाड़ा, निगेटिव रिपोर्ट को बता रहे थे पॉजिटिव

कोरोना: प्राइवेट लैब का फर्जीवाड़ा, निगेटिव रिपोर्ट को बता रहे थे पॉजिटिव



नोएडा में सामने आया है कोरोना टेस्टिंग पर प्राइवेट लैब्स का अब तक का सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा। कुछ प्राइवेट लैब फ़र्ज़ी रिपोर्ट देकर मोटी फ़ीस वसूलकर मोटी कमाई में लगे हुए है। इसी के मद्देनजर एक बड़ा घोटाला नोएडा में सामने आया है।

दिल्ली, हरियाणा के प्राइवेट लैब्स से नोएडा के जिन लोगों का कोरोना टेस्ट हुआ था और रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी वो नोएडा के सरकारी लैब में कोरोना नेगेटिव पाई गई है। करीब 20 लोग जो अस्पताल में भर्ती हुए रिपोर्ट पॉज़िटिव आने पर, जैसे ही उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई सभी को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और प्रशासन ने लगातार उन पर नज़र रखी लेकिन किसी को भी आगे दिक़्क़त न हुईं।
संवाददाता
अंशुमाली सिन्हा की रिपोर्ट

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Saturday, May 23, 2020

स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही, Corona संदिग्ध एक महीने से क्वारंटीन सेंटर से लापता

क्वारंटीन सेंटर (Quarantine Center) स्टाफ कोरोना (Coronavirus) संदिग्ध युवक रंजीत को शारदा अस्पताल में रेफर करके भूल चुका था। हैरानी तब और ज्यादा हुई, जब युवक न तो शारदा अस्पताल पहुंचा और न ही वापस गलगोटिया क्वारंटीन सेंटर। 
ग्रेटर नोएडा जनपद के स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे जानकर आश्चर्य के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा होता है। दरअसल, ग्रेटर नोएडा के जिम्स अस्पताल में कोरोना टेस्ट (Corona Test) के लिए आए 21 वर्षीय युवक रंजीत को 19 अप्रैल को करीब 3 बजकर 45 मिनट पर गलगोटिया यूनिवर्सिटी में बने क्वारंटीन सेंटर (Quarantine Center) में भर्ती कराया गया था। 
क्वारंटीन सेंटर में भर्ती होने के तुरंत बाद ही युवक ने सामान्य कमजोरी और चक्कर आने की शिकायत की, जिस पर करीब साढ़े चार बजे उसे जिम्स अस्पताल रेफर कर दिया गया. इलाज के बाद रंजीत को रात 10 बजे वापस गलगोटिया यूनिवर्सिटी में बने क्वारंटीन सेंटर में भर्ती कर दिया गया। 
23 अप्रैल को दोबारा रंजीत ने सामान्य कमजोरी और चक्कर आने की शिकायत की. जिसके बाद क्वारंटीन सेंटर में मौजूद डॉ. मो. शोएब ने जांच कर आगे के इलाज के लिए उसे एम्बुलेंस से शारदा अस्पताल रेफर कर दिया. कोरोना संदिग्ध मरीज रंजीत को उसके साथी कर्मचारी राजकुमार के साथ क्वारंटीन सेंटर में भर्ती किया गया था. दोनों युवक सन ट्विलाइट कंपनी में काम करते थे और उनका निवास स्थान भी कंपनी परिसर में ही था। 
क्वारंटीन सेंटर में भर्ती राजकुमार की 25 अप्रैल को कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई, जिसके बाद 26 अप्रैल को राजकुमार को क्वारंटीन सेंटर से डिस्चार्ज कर दिया गया। राजकुमार के डिस्चार्ज होने के बाद ढाई हफ्ते बीत जाने पर कंपनी के चीफ सिक्योरिटी अफसर द्वारा क्वारंटीन सेंटर में भर्ती युवक रंजीत का हालचाल लेने के लिए जब फोन किया गया, तब एक आश्चर्यजनक मामला सामने आता है। 
क्वारंटीन सेंटर स्टाफ कोरोना संदिग्ध युवक रंजीत को शारदा अस्पताल में रेफर करके भूल चुका था। हैरानी तब और ज्यादा हुई, जब युवक न तो शारदा अस्पताल पहुंचा और न ही वापस गलगोटिया क्वारंटीन सेंटर। चौंकाने वाली बात यह है कि लगभग एक महीना बीत जाने के बाद भी कोरोना संदिग्ध युवक रंजीत की रिपोर्ट भी नहीं मिली। 13 मई को कंपनी के चीफ सिक्योरिटी अफसर के पूछताछ के बाद से क्वारंटीन सेंटर में हड़कंप मच गया। कोरोना संदिग्ध युवक रंजीत को सब जगह ढूंढा गया, लेकिन क्वारंटीन स्टाफ युवक को ढूंढने में कामयाब नहीं हुआ। 

बताया जा रहा है कि क्वारंटीन सेंटर प्रभारी डॉ. अनिल गुप्ता ने कंप्यूटर ऑपरेटर दीपांशु गोयल को दनकौर कोतवाली में गुमशुदगी की तलाश के लिए पत्र लिखा है। वहीं, दनकौर पुलिस भी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर जांच में जुट गई है। 
खबर सूत्रों के हवाले से 

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Wednesday, May 20, 2020

नोएडा बिना अनुमति बसें जमा करने पर कांग्रेस नेता समेत 4 पर एफआईआर, 2 बस भी सीज

नोएडा बिना अनुमति बसें जमा करने पर कांग्रेस नेता समेत 4 पर एफआईआर, 2 बस भी सीज


गौतमबुद्धनगर जिले के नोएडा में पुलिस ने एमिटी और महामाया फ्लाईओवर के पास बस जमा करने के आरोप में कांग्रेस के नेता पंकज मलिक सहित चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

पुलिस का कहना है कि ये बिना मंजूरी के यहां बसें जमा कर रहे थे। इस मामले में नोएडा के एडीसीपी रणविजय सिंह का कहना है कि ये लोग बगैर किसी परमीशन के कुछ लोग एमिटी व महामाया फ्लाईओवर के पास बसें जुटा रहे थे।
सूचना पर मौके पर पड़ताल करवाई गई तो वहां खड़े कुछ लोगों ने खुद को कांग्रेसी नेता बताया। चार लोगों के खिलाफ भीड़ जुटाने, लॉकडाउन का उल्लंघन व अन्य धाराओं में सेक्टर-39 थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
दो बसों का परमिट व फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं मिला उनको एआरटीओ प्रवर्तन ने सीज किया है।
संवददाता की रिपोर्ट 

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Monday, May 18, 2020

कोरोना ब्रेकिंग अब पत्रकारों पर फूटा कोरोना बम

कोरोना ब्रेकिंग
अब पत्रकारों पर फूटा कोरोना बम


नोएडा सेक्टर 16 स्तिथ ज़ी न्यूज़ के आफिस में मिले 28 कोरोना पॉजिटिव

नोएडा प्रशासन की बड़ी लापरवाही आयी सामने

लगभग 20 घंटे बीत जाने पर भी नही हुई बिल्डिंग सील

पत्रकारों  समेत सभी कर्मचारियों में दहशत का माहौल

सभी कर्मचारियों की अब तक नही हुई कोरोना की जांच

सीईओ सुधीर चौधरी ने किया ट्वीट

प्रधान संपादक

हिमांशु श्रीवास्तवा 

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Friday, May 8, 2020

नोएडा प्रशासन के तरफ से अनुमति मिलने

नोएडा प्रशासन के तरफ से अनुमति मिलने के बाद सैमसंग फैक्ट्री में फिर से काम शुरू हुआ।

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